सीरिया में हस्तक्षेप की अपील

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Image caption सीरिया में सुरक्षा बल लगातार प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहे हैं.

सीरिया के मुख्य विपक्षी गुट ने आपातकालीन अपील जारी करके अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से हिंसा रुकवाने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद को हटाने की माँग करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ सेना होम्स शहर में कड़ी कार्रवाई कर रही है, यहाँ तक कि कई घरों के ऊपर टैकों से गोले दागे गए हैं.

विपक्षी सीरियन नेशनल काउंसिल के नेताओं ने पड़ोसी देश तुर्की से यह अपील जारी की है.

होम्स सीरिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर है, होम्स राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोधियों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बन गया है और यही वजह है कि सबसे सख़्त सैनिक कार्रवाई भी वहीं चल रही है.

विपक्षी कार्यकर्ता होम्स में जो कुछ चल रहा है उसके लिए 'विनाशलीला' जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं.

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उनका कहना है कि होम्स के मुख्य केंद्र के पास स्थित बाबा अम्र इलाक़े में पिछले एक सप्ताह से लगातार बमबारी चल रही है जिसमें एक सौ से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

पानी और बिजली की सप्लाई बंद है, खाने पीने की चीज़ें ख़त्म हो चली हैं, बीमार और घायल लोगों के लिए उपचार की सुविधाएँ और दवाएँ नहीं हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी सैनिक डॉक्टरों को होम्स में घुसने से रोक रहे हैं.

विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि शनिवार और रविवार को सैनिक कार्रवाई के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहे.

अरब लीग ने सीरिया के मामले पर दोबारा विचार के लिए शनिवार को एक बैठक बुलाई है.

पिछले बुधवार को सीरिया ने अरब लीग के शांति समझौते को स्वीकार कर लिया था जिसके तहत हिंसा रोकने और रिहाइशी इलाक़ों से सैनिकों को हटाया जाना था मगर ऐसा नहीं हुआ है.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने आम नागरिकों से कहा है कि अगर वे एक सप्ताह से भीतर अपने हथियार सौंप दें तो उन्हें माफ़ी दे दी जाएगी, मगर अमरीका ने एक बयान जारी करके कहा है कि सीरियाई नागरिकों के लिए मौजूदा सरकार के सामने आत्मसमर्पण करना ख़तरनाक हो सकता है, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीरिया ने अमरीका पर हिंसा औऱ देशद्रोह को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

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