आईएईए की रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित: ईरान

ईरानी परमाणु संयंत्र इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption रूस की मदद से ईरान ने बुशेहर में परमाणु संयंत्र का विकास किया है

ईरान का कहना है कि उसकी ओर से परमाणु हथियारों के विकास की बात करने वाली संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए की रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित है.

आईएईए ने इस रिपोर्ट में कहा है कि उसके पास मौजूद सूचनाओं के मुताबिक़ ईरान ने परमाणु हथियारों के विकास से जुड़े प्रयोग किए हैं.

उधर अमरीका ने कहा है कि आईएईए की इस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर ईरान के उन दावों पर शक होता है जिसमें कहा जाता रहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

आईएईए के अनुसार ईरान के शोध में ऐसे कंप्यूटर मॉडल भी शामिल हैं जिनकी मदद से सिर्फ़ परमाणु बम का बटन विकसित किया जा सकता है.

संवाददाताओं के मुताबिक़ ईरान पर आईएईए की अब तक की यह सबसे तीखी रिपोर्ट है.

मगर आईएईए में ईरान के दूत अली असग़र सुल्तानिया ने कहा, "ये रिपोर्ट असंतुलित, ग़ैर पेशेवर और राजनीति से प्रेरित होकर तथा अमरीका के राजनीतिक दबाव में तैयार की गई है."

उन्होंने कहा, "पुराने दावे फिर से दोहराए गए हैं जबकि ईरान 117 पन्नों के अपने जवाब में उन्हें निराधार साबित कर चुका है." ईरान के मुताबिक़ उसके परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य ऊर्जा पैदा करना है.

अमरीकी चिंता

मगर इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसकी चिंता फिर से रेखांकित हुई है.

उनके मुताबिक़ वैसे तो ईरान से निबटने के लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं मगर उनकी कोशिश कोई धमकी देने की नहीं थी. इससे पहले कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अमरीका या इसराइल ईरान पर सैनिक हमले कर सकता है.

जेनेवा में बीबीसी संवाददाता बेथनी बेल ने आईएईए की यह रिपोर्ट देखी है. बेथनी के अनुसार रिपोर्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी गई है जिसमें कई नई जानकारियाँ भी हैं.

इन नई जानकारियों में एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर मॉडल भी शामिल है जो सिर्फ़ और सिर्फ़ परमाणु हथियारों के लिए ही ज़रुरी हो सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार 2008-09 में ईरान में किए गए कुछ शोध चिंता का विषय हैं.

प्रतिबंध की कोशिश

रिपोर्ट कहती है, ''कुछ शोध तो ऐसे हैं जिसका इस्तेमाल परमाणु विस्फोट के अलावा किसी और काम के लिए समझ में नहीं आता है.''

इसके बाद एक अमरीकी अधिकारी ने कहा कि ईरान बार-बार दुनिया को ये भरोसा दिलाने में विफल रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

उनका कहना था कि अमरीका ईरान पर और प्रतिबंध लगाने की दिशा में काम करेगा. इसमें एकतरफ़ा प्रतिबंध के अलावा सहयोगी देशों के साथ मिलकर प्रतिबंध लगाना शामिल होगा.

मगर संयुक्त राष्ट्र के ज़रिए किसी नए प्रतिबंध के हक़ में कम से कम रूस और चीन नहीं होंगे.

वैसे रुस ने कहा है कि आईएईए की रिपोर्ट तनाव पैदा करती है. रुस के अनुसार अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में नई जानकारियों में सैनिक तत्व दिखता है तो उस पर चर्चा के लिए और समय होना चाहिए.

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