इतिहास के पन्नों में 11 नवंबर

इतिहास में 11 नवंबर के नाम कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. इसी दिन फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात का निधन हुआ था, अंगोला आज़ाद हुआ था और मशहूर पेंटर वैन गॉग की एक पेंटिंग रिकॉर्ड क़ीमत पर बेची गई थी.

2004: यासिर अराफ़ात का निधन

Image caption यासिर अराफ़ात को ओस्लो संधि के बाद नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था.

11 नवंबर 2004 को वयोवृद्ध फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात का पेरिस के एक अस्पताल में निधन हो गया था. वो 75 साल के थे.

फ़लस्तीनी लोगों के अधिकार के लिए 40 साल से ज़्यादा अवधि तक संघर्ष करने वाले अराफ़ात 3 नवंबर से कोमा में थे और दो दिन पहले ही उनके मस्तिष्क में रक्तस्राव हो गया था.

अक्तूबर महीने के आख़िर में उनकी तबीयत काफ़ी ख़राब होने पर उन्हें रमल्ला से पेरिस लाया गया था.

हालांकि उन्हें क्या बीमारी थी इसे लेकर रहस्य बना रहा क्योंकि डॉक्टरों ने कैंसर की संभावना से इनकार कर दिया था और फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों के इन आरोपों को भी ख़ारिज कर दिया था कि उन्हें ज़हर दिया गया था.

अराफ़ात 1950 से ही इस्राइल के ख़िलाफ़ फ़लस्तीनी विरोध का मुख्य चेहरा थे.

पहले उन्होंने फ़लस्तीन की आज़ादी की लड़ाई लड़ रही फ़तह पार्टी का नेतृत्व किया और बाद में फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता बने.

1993 में उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन के साथ शांति के लिए ओस्लो में गुप्त बातचीत शुरू की थी.

यित्ज़ाक राबिन और शिमोन पेरेज़ के साथ मध्यपूर्व में शांति स्थापना के प्रयास के लिए उन्हें ओस्लो संधि के बाद शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था.

उनके निधन पर दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया था.

1975: अंगोला को आज़ादी मिली

इसी दिन 1975 में दक्षिण अफ्रीकी राज्य अंगोला को पूर्व औपनिवेशिक शक्ति पुर्तगाल से आज़ादी हासिल हुई थी.

इसके बाद विरोधी गुटों के नेता अगोस्टिन्हो नेटो को देश का पहला राष्ट्रपति बनाया गया था.

वो अंगोला की आज़ादी के लिए चलाए गए लोकप्रिय आंदोलन एमपीएलए के नेता थे.

इस घटना का जश्न अंगोला के लोगों ने राजधानी लुआंडा में मध्यरात्रि में देश का झंडा फहराकर मनाया था और सैनिकों ने हवा में जमकर फ़ायरिंग की थी. .

एमपीएलए ने राजधानी के एक स्टेडियम में एक बड़ा समारोह आयोजित किया था जिसमें सोवियत संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे.

अंगोला की आज़ादी के साथ ही वहां पांच सौ साल का पुर्तगाली शासन ख़त्म हो गया था.

1987: वैन गॉग की पेंटिंग रिकॉर्ड क़ीमत पर बिकी

Image caption वॉन गॉग ने 37 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी

इसी दिन 1987 में मशहूर पेंटर विंसेंट वैन गॉग की एक पेंटिंग चार करोड़ 90 लाख डॉलर में बेची गई थी जो कि किसी कलाकृति के लिए अब दी गई सबसे बड़ी क़ीमत थी.

इस पेंटिंग में संत रेमी की फ़्रांस स्थित मानसिक आरोग्यशाला का चित्रण है जहां वैन गॉग मरीज़ के रूप में भर्ती थे.

इस पेंटिंग को गॉग ने 1889 में बनाया था.

इसके कुछ महीनों बाद ही इस महान कलाकार ने 37 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी.

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