एशिया-प्रशांत के देश दें विकास को बढ़ावा: अमरीका

गाईथनर
Image caption एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों में आर्थिक विकास तेज़ी से हो रहा है.

अमरीकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइथनर ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मुल्कों से अपील की है कि वे विश्व अर्थव्यवस्था की बहाली की कोशिशें और तेज़ करें.

टिमोथी गाइथनर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के वित्त मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे. इस समूह को एपेक के नाम से भी जाना जाता है.

अमरीकी वित्त मंत्री का ये भी कहना था कि यूरोप को अपने क़र्ज़ संकट के निपटारे के लिए एक सुदृढ़ योजना तैयार करने की ज़रूरत है.

उनका कहना था, "हम सब पर सीधे-सीधे यूरोपीय संकट का असर पड़ रहा है. लेकिन यहाँ मौजूद अर्थव्यवस्थाएं दूसरों की बनिस्बत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने में अधिक सक्षम हैं."

आंतरिक व्यय को बढ़ावा

एपेक समूह के कई देशों जैसे चीन और इंडोनेशिया में हाल के दिनों में आर्थिक विकास तेज़ी से हुआ है. जबकि अमरीका और यूरोप में बढ़ोत्तरी धीमी पड़ी है.

टिमोथी गाइथनर का कहना था कि विकासशील देशों को विकसित देशों पर निर्भरता कम करनी चाहिए.

उनके अनुसार अगर वे देश के भीतर व्यय को बढ़ावा देकर आर्थिक प्रगति करने की नीति अपनाएं तो वो ज़्यादा कारगर रहेगी.

उनका कहना था कि अमरीका फ़िलहाल अपने यहाँ उपजे संकट की वजह ढूढ़ने में व्यस्त है और यूरोप के सामने मंदी का संकट है, ऐसे समय में एशियाई देशों को अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए देश के भीतर माल की खपत बढ़ानी होगी.

उन्होंने कहा कि इसका फ़ायदा ये होगा कि वो वैश्विक मंदी से कम प्रभावित होंगे.

मुक्त व्यापार समझौता

अमरीका प्रशांत क्षेत्र के देशों से व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है.

अमरीकी वित्त मंत्री का ये बयान एपेक देशों के हवाई में होने वाले सम्मेलन से पहले आया है. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

अमरीका इसे प्रशांत महासागरीय देशों से मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए समर्थन जुटाने के अवसर के तौर पर देख रहा है.

संभावना है कि जापान के प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा भी सम्मेलन में हिस्सा लें.

जापान विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है और उसके शामिल होने से समझौते को बढ़ावा मिलेगा.

हालांकि उसने अभी इसमें शामिल होने के फैसले को रज़ामंदी नहीं दी है.

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