ईरान में धमाका, 17 सैनिक मारे गए

  • 12 नवंबर 2011
ईरान के रिवोल्यूशनी गार्ड्स (फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption ईरान के रिवोल्यूशनी गार्ड्स के अड्डे पर पहले भी रहस्यमय तरीक़े से विस्फोट हो चुके हैं.

ईरान में अधिकारियों का कहना है कि राजधानी तेहरान से सटे एक सैनिक अड्डे पर हुए धमाके में कम से कम 17 सैनिक मारे गए हैं.

पहले कहा गया था कि इस धमाके में 27 सैनिकों की मौत हुई है.

एक सरकारी अधिकारी ने राष्ट्रीय टीवी को बताया कि धमाका उस समय हुआ जब रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक डिपो में सैनिक हथियारों को हटा-बढ़ा रहे थे.

ये डिपो राजधानी तेहरान के क़रीब कराज शहर के बिदगानेह गांव में स्थित है.

धमाका इतना शक्तिशाली था कि पास की ईमारतों की ख़िड़कियां टूट गई और लगभग 40 किलोमीटर दूर तक लोगों ने धमाके की आवाज़ सुनी.

एक हेलिकॉप्टर और एंबुलेंस की गाड़ियां घटना स्थल पर भेज दिए गए हैं.

स्थानीय सांसद हुसैन ग़रौसी ने संसद की आधिकारिक वेबसाईट के हवाले से ख़बर दी है कि डिपो में रखे हथियारों का एक बड़े ज़ख़ीरे में विस्फोट हो गया.

फ़िलहाल इस बात की जानकारी नही मिल पाई है कि विस्फो़ट का कारण क्या था.

कराज शहर के एक निवासी कवीर ने बीबीसी को बताया कि धमाके की आवाज़ इंसान को 'बहरा' कर देने वाली थी.

कवीर का कहना था, ''हमलोग धमाके की आवाज से दहल गए. मैं फ़ौरन घर से बाहर भागा और अपने चारो तरफ़ देखने लगा.''

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स

एक विशेष सैन्य दुकड़ी के रूप में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का गठन ईरान में 1979 के इस्लामिक क्रांति के ठीक बाद किया गया था.

इसका मुख्य उद्देश्य ईरान में क़ायम की गई इस्लामिक प्रशासन की सुरक्षा करना था.

इससे पहले भी इस सैन्य टुकड़ी में रहस्यमय तरीक़े से विस्फोट हो चुके हैं.

अक्तूबर 2010 में उत्तर-पश्चिमी प्रांत लौरेस्तान में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अड्डे में हुए धमाके में 18 लोग मारे गए थे.

ता़ज़ा विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग की नई रिपोर्ट के कारण ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ा हुआ है.

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सैन्य उद्देश्य है.

इसराइल की मीडिया में इस तरह के कयास लगाए जा रहें हैं कि प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले करने के बारे में सोच रहें हैं.

लेकिन ईरान हमेशा से यही कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

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