सीरिया को घेरने की कोशिशें तेज़

  • 16 नवंबर 2011
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Image caption अरब लीग ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों के दमन के चलते सीरिया की सदस्यता निलंबित कर दी थी.

अरब देशों के विदेश मंत्री प्रदर्शनकारियों पर हिंसा को लेकर सीरिया पर दबाव बढ़ाने के लिए बुधवार को मोरक्को की राजधानी रबात में एक बैठक में हिस्सा लेंगे.

मंगलवार को सीरिया में जारी आंदोलनों के बीच अब तक का सबसे खूनी दिन रहा. अलग-अलग हिंसक झड़पों में कथित रुप से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई.

इस बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच सीरिया ने अरब लीग के कड़े रुख से निपटने के लिए 1000 से ज़्यादा राजनीतिक क़ैदियों को रिहा किया.

बीबीसी के मध्यपूर्व संवाददाता जॉन लेन के मुताबिक सीरिया को अरब लीग से निष्कासित करने बाद अरब देश के नेताओं पर सीरिया के खिलाफ़ कार्रवाई का दवाब बढ़ गया है.

'खून से इतिहास नहीं लिखा जा सकता’

जहां एक ओर से संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने अरब लीग से सीरिया में नेतृत्व प्रदान करने को कहा है वहीं, अमरीका ने अरब देशों से इस मामले में सख्त होने और तुर्की ने सीमा पार बिजली की आपूर्ती रोक देने की धमकी दी है.

इससे पहले तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप अर्डोगान ने अपने सीरिया के प्रति अपना रुख़ कड़ा करते हुए कहा कि ‘आम-लोगों को कुचलकर उनके खून से इतिहास नहीं लिखा जा सकता.’

साथ ही तुर्की के ऊर्जा मंत्री ने घोषणा की है कि सीरिया के साथ जारी तेल-संवर्धन परियोजनाओं पर रोक लगा दी गई है.

तुर्की के सीरिया के साथ नज़दीकी संबंध रहे हैं लेकिन हाल ही में जारी आंदोलनों को लेकर तुर्की ने मुखर रुप से सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ़ अपना विरोध ज़ाहिर किया है.

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