बर्मा पर लगे प्रतिबंध खत्म हों: यूएन

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Image caption पिछले 50 वर्षों में कोई अमरीकी विदेश मंत्री बर्मा की यात्रा पर नहीं गया है

बाली में चल रहे आसियान देशों के सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से बर्मा पर लगाए गए प्रतिबंध जल्द ही हटा लिए जाएंगे.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जिस तरह से पूरी दुनिया से अलग-थलग पड़े बर्मा में पिछले कुछ समय में सकारात्मक बदलाव आया है, ऐसे में ये क़दम लाज़मी है.

संयुक्त राष्ट्र की ये टिप्पणी अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के अगले महीने बर्मा की यात्रा पर जाने की घोषणा के बाद आई है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका का ये क़दम इस बात की ओर इशारा करता है कि बर्मा में लोकतंत्र की स्थापना के लिए की जा रही कोशिशों का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने स्वागत किया है.

इसका एक और संकेत तब मिला था जब लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने शुक्रवार को ही घोषणा की थी कि उनकी पार्टी देश में आगामी उपचुनाव में हिस्सा लेगी.

मून जाएँगे बर्मा

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने भी बर्मा जाने का न्यौता स्वीकार कर लिया है, और जल्द ही बर्मा का दौरा करेंगे.

बर्मा में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत विजय नांबियार के मुताबिक़ बर्मा ने बदलाव की दिशा में कई महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं जिसे दुनिया के अन्य देशों को स्वीकार करना चाहिए.

नांबियार ने उम्मीद जताई है कि अमरीका के इस क़दम के बाद दुनिया के अन्य देश भी बर्मा के साथ रिश्ते सुधारने के लिये रचनात्मक कदम उठाएंगे.

इसका सीधा मतलब बर्मा पर लगाए प्रतिबंधों को ख़त्म करना है.

लेकिन आलोचकों के मुताबिक़ बर्मा लोकतंत्र के रास्ते पर है, ये कहना फ़िलहाल जल्दबाज़ी होगी.

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