नेपाल में पूर्व माओवादी छापामारों का पुनर्वास शुरु

  • 19 नवंबर 2011
माओवादी छापामार
Image caption आखिरकार पांच साल बाद यह 19,000 पूर्व माओवादी छापामार नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं.

नेपाल में हज़ारों पूर्व माओवादी छापामारों के पुनर्वास का काम शुरु हो गया है. वर्ष 2006 में समाप्त हुए गृह युद्ध के बाद से ये लोग शिविरों में रह रहे थे.

ये ऐतिहासिक क़दम माओवादियों और नेपाल की मुख्य राजनीतिक पार्टियों के बीच हुए शांति समझौते के बाद उठाया गया है.

अब पूर्व छापामार अपने शिविरों को छोड़ कर आम नागरिकों का जावन जी सकेंगे.

ये 19 हज़ार पूर्व माओवादी छापामारों के लिए एक नए जीवन की शुरुआत है.

उनके पास दो विकल्प हैं. पहला ये कि वो सेना में जा सकते हैं जहां वह किसी युद्ध में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

और दूसरा, वे आम नागरिक का जीवन जी सकते है जिसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.

खुश हैं छापामार

बहुत से पुर्व छापामारों ने इस पर खुशी ज़ाहिर की है.

पूर्व बाग़ी टंका बहादुर थापा ने कहा, ''मैं अपने परिवार से कई सालों से दूर रहा हूं और अब अपने परिवार के पास घर जाना चाहुंगा.''

एक अन्य पूर्व माओवादी छापामार भावना बरल का कहना है, ''मेरा दो साल का बच्चा है जिसे मेरी ज़रूरत है. सेना में शामिल होना मेरे लिए विकल्प नहीं है. मेरी सेहत भी खराब हुई है.''

समझौते के तहत छापामार अपने हथियार सरकार को वापिस करेंगे और उसके बाद एक माह के भीतर एक शांति और सामंजस्य आयोग का गठन भी किया जाएगा.

नेपाल के लिए ये बहुत बड़ा दिन है लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं.

इनमें से एक है नए संविधान के लिए आम सहमति बनाना जिसपर अभी तक मुख्य राजनीतिक पार्टियों मतभेद हैं.

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