प्रदर्शनकारी फिर लौटे तहरीर, झड़पें जारी

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मिस्र में तहरीर चौराहे से हटाए जाने की कोशिशों के बावजूद हज़ारों प्रदर्शनकारी अब भी वहाँ डटे हुए हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ समय पहले सुरक्षाबलों ने ज़ोर ज़बरदस्ती कर लोगों को तहरीर चौराहे से हटा दिया था. लेकिन उसके घंटे बाद ही बड़ी संख्या में लोग फिर वहाँ वापस आ गए और नारे लगाए.

इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई जबकि शनिवार को भी एक व्यक्ति मारा गया था. विरोध प्रदर्शनों का दौर शुक्रवार से जारी है जब लोगों ने नमाज़ के बाद रैली की थी.लोग सैन्य परिषद के नए संवैधानिक प्रस्ताव से नाराज़ है. लोगों को आशंका है कि सेना चुनाव के बाद भी सत्ता पर अपना दबदबा बनाए रखेगी.

हिंसा ऐसे समय हो रही है जब एक हफ़्ते बाद मिस्र में संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं.

अलेक्ज़ेंड्रिया, सुएज़ और असवान शहरों में भी झड़पें हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 900 लोग घायल हुए हैं जिसमें 40 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं.

रविवार को हिंसा उस समय शुरु हुई जब हाथों में पत्थर लिए प्रदर्शनकारी आंतरिक मामलों के मंत्रालय के दफ़तर की ओर बढ़ रहे थे.

लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने आँसू गैस छोड़े और कार्यालय तक जाने वाली सड़कें बाधित कर दीं.

एक प्रदर्शनकारी अहमद हानी ने एपी को बताया, हिंसा दर्शाती है कि मुबारक अब भी सत्ता में है. मिस्र की सैन्य सरकार के प्रमुख फ़ील्ड मार्शल तंतावी को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

सेना ने नए संविधान के सिद्धांतों का मसौदा तैयार किया है जिसमें सेना के बजट किसी की निगरानी से बाहर होगा. लोग सेना के रवैये से नाराज़ हैं.

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