सीरिया अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नही झुकेगा:असद

  • 20 नवंबर 2011
सीरिया में प्रदर्शनकारी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सीरिया में शांति प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए अरब लीग की तरफ़ से प्रतिनिधि भेजे जाने के प्रस्ताव को सरकार ने 'सशर्त' स्वीकार किया है.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नही झुकेगा और हथियारबंद प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेगा.

संडे टाइम्स अख़बार में छपे एक बयान में बशर अल असद ने प्रदर्शनकारियों को सीरिया में फ़ैली हिंसा का जिम्मेदार ठहराया है.

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक़ सीरिया में शनिवार को 24 लोग मारे गए है.

सीरिया में हिंसा रोकने के लिए अरब लीग की ओर से दी गई तीन दिन की मोहलत स्थानीय समय के अनुसार शनिवार रात को ख़त्म हो गई.

अरब लीग ने सीरिया के सामने शर्त रखी थी कि या तो सीरिया की सरकार हिंसा रोके और शांति प्रक्रिया का जायज़ा लेने के लिए लीग के प्रतिनिधिमंडल को सीरिया में आने दे या फिर आर्थिक प्रतिबंध के लिए तैयार रहे.

अरब लीग ने सीरिया से सड़कों से टैंक हटाने और विपक्ष से दो हफ़्तों में बातचीत करने के लिए भी कहा है.

हालाकि सीरिया को हिंसा नही रोकने के लिए अरब लीग से पहले ही बर्ख़ास्त कर दिया गया है.

शांति प्रस्ताव

शुक्रवार को सीरिया ने कहा था कि वह शांति प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए अरब लीग के प्रतिनिधिमंडल को देश में आने की सशर्त इजाज़त देगा.

इस पर अरब लीग के प्रमुख का कहना था कि वह सीरिया की तरफ़ से भेजे गए पत्र पर विचार कर रहे है. सूत्रों के अनुसार सीरिया की सरकार चाहती है कि उसके यहाँ आने वाले अरब लीग के प्रतिनिधियों की संख्या 500 से घटा कर 40 कर दी जाए.

इन प्रतिनिधियों को अरब लीग की ओर से प्रस्तावित शांति प्रक्रिया पर नज़र रखना है.

शांति प्रस्ताव के तहत सरकार को प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा रोकने के अलावा सैनिकों को सड़कों पर से हटाना और विपक्ष के साथ बातचीत शुरू करनी होगी.

हालाँकि अपने बयान में राष्ट्रपति असद ने अरब लीग पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सीरिया में दखल के लिए ज़मीन तैयार करने का आरोप लगाया है.

राष्ट्रपति असद ने अपने बयान में कहा है कि उनके सैनिकों पर हमला किया जा रहा है जिसका जवाब दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ''हिंसा रोकने के लिए प्रारंभिक तौर पर हथियारबंद प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाया जा रहा है और कोशिश की जा रही है कि पड़ोसी देशों से हथियारों की आमद रोकी जाए. साथ ही क़ानून व्यवस्था को बर्बाद होने से रोकने की भी कोशिश की जा रही है.''

दुविधा

लेबनान के बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर ने कहा, ''सीरिया की सरकार दुविधा में है, अगर वह सेना हटा कर अरब लीग के शांति दल के साथ स्थिति को संभालने की पहल करे तो देश के कई भाग सरकार के नियंत्रण के बाहर हो सकते है.''

असद ने चेतावनी भी दी है कि सीरिया पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई होने पर पूरे मध्य-पूर्व में 'भूचाल' आ जाएगा.

सीरिया को पता है कि अरब लीग से लीबिया को निकाले जाने के बाद ही संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने लीबिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की.

हालाँकि सीरिया के मामले में रूस के हाथ खीचने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय दो फाड़ है.

अमरीका ने कहा है कि सीरिया में अगर यही हाल कुछ दिन और रहा तो फिर यह गृह युद्ध में तब्दील हो सकता है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि साल की शुरुआत से ही सरकार के खिलाफ़ हो रहे विरोध-प्रदर्शन में कम से कम साढ़े तीन हज़ार लोग मारे जा चुके है.