मायावती ने कहा अल्पमत में नहीं है सरकार

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Image caption मायावती का आरोप था कि विपक्षी दल मिलीजूली राजनीतिक साजिश कर रहा है

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव लाने की असफल कोशिश के बाद उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि उनकी सरकार अल्पमत में नहीं है.

साथ ही विधानसभा में राज्य के बंटवारे को लेकर ध्वनिमत से पारित हुए प्रस्ताव पर विपक्ष को कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने कहा की ये चुनावी हथकंडा नहीं है.

उन्होंने कहा कि अब ये प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए जाएगा.

मायावती का कहना था कि ये बंटवारा राज्य के हित में है और कहा कि साल 2007 में केंद्र को राज्य के बंटवारे के प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया इसलिए ये कदम उठाया गया है.

विपक्ष के राज्य सरकार के अल्पमत में आने के आरोपों का ज़ोरदार खंडन करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तथ्यहीन बताया.

'सभी विधायक मेरे साथ'

उन्होंने कहा की ये विपक्षी दलों की साजिश बताया.

उन्होंने विपक्षी दलों से सवाल पूछा कि ''नए परिसीमन के कारण अगर कुछ विधायकों की सीट गड़बड़ हो जाने के कारण खुद ही चुनाव नहीं लड़ना चाहते है तो इसका मतलब ये हुआ की क्या वे पार्टी के चुने हुए सदस्य नहीं है?''

मायावती का कहना था कि पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की लोकायुक्त में शिकायत होने के कारण जांच चल रही है और कुछ मामलों में जाँच पूरी होने पर पार्टी ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा ले लिया है और कुछ को हटाया गया ताकि विरोधी दल इन्हें बचाने का आरोप ना लगा सके.

उन्होंने दावा किया सभी विधायक उनके साथ है.

उनका कहना था कि तेलंगाना में तो कई विधायक और सांसद इस्तीफ़ा दे चुके है तो क्या ऐसे में वहाँ सरकार अल्पमत में आ गई. जब किसी और राज्य में ऐसा होता है तो कोई भी विपक्षी दल सवाल नहीं उठाता है. ऐसे में ये स्पष्ट हो जाता है कि वे उत्तरप्रदेश राज्य के ख़िलाफ़ है.

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और भाजपा पुनर्गठन के ख़िलाफ़ है.

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