इतिहास के पन्नों में 24 नवंबर

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पता चलता है कि 24 नवंबर के दिन कई ऐतिहासिक घटनाएं घटीं थीं.

1963: कैनेडी के हत्यारे की हत्या

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Image caption ली हार्वे ऑस्वाल्ड की हत्या करते हुए जैक रूबी

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी के हत्यारे ली हार्वे ऑस्वाल्ड की आज ही के दिन 1963 में हत्या कर दी गई थी.

24 वर्षीय ली की हत्या उस समय हुई जब उन्हें पुलिस मुख्यालय से जेल ले जाया जा रहा था.

ये घटना टेलीविज़न चैनलों पर लाइव दिखाया जा रहा था और तभी एक आदमी ने अपना पिस्टल निकाली और उनपर गोली चला दी.

बाद में पता चला कि ली की हत्या करने वाले डलास नाइट क्लब के मालिक जैक रूबी थे.

घायल ली को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

ली हार्वे ऑस्वाल्ड को दो दिन पहले यानी 22 नवंबर को राष्ट्रपति कैनेडी की हत्या के एक घंटे बाद गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी जैक रूबी हथियार के साथ वहां कैसे पहुंचे.

पुलिस के अनुसार जैक रूबी ने कहा था कि उन्होंने जैकलिन कैनेडी की ख़ातिर ली की हत्या की थी.

जैक रूबी को मार्च 1964 में हत्या का दोषी क़रार दिया गया था.

कुछ तकनीकी कारणों से उनको सज़ा सुनाए जाने के फ़ैसले को बदल दिया गया था, लेकिन इससे पहले कि उनके मुक़दमे की दोबारा सुनवाई होती जनवरी 1967 में कैंसर के कारण जेल में ही उनकी मौत हो गई.

1989: चेकेस्लोवाकिया में नए युग की शुरूआत

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Image caption चेकोस्लोवाकिया में आंदोलन के नायक एलेक्ज़ेंडर डबसेक (दायीं तरफ़)

आज ही के दिन 1989 में चेकेस्लोवाकिया में एक नए युग की शुरूआत हुई थी जब तत्कालीन कम्युनिस्ट पार्टी के पूरे नेतृत्व ने सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा दे दिया था.

उनके इस्तीफ़े के बाद देश में जनतांत्रिक सुधारो के लिए रास्ता साफ़ हो गया था.

कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख मिलोस जेक्स ने आपातकालीन बैठक बुलाई और और पोलित ब्यूरो के सभी 24 सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

इस आंदोलन के नायक एलेक्ज़ेडर डबसेक निर्वासन से देश लौट आए और राजधानी प्राग में उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया.

लगभग ढाई लाख लोगों को संबोधित करते हुए डबसेक ने कहा था, ''मानवीय चेहरे के साथ समाजवाद के मेरे सिद्धांतो को नई पीढ़ी ने स्वीकार किया है. विरोधी पार्टियों का गठबंधन समाज के सभी विचारधारा के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है.''

एक महीने के बाद एलेक्ज़ेंडर डबसेक को नए प्रशासन का प्रमुख चुना गया और वैक्लेव हैवेल राष्ट्रपति बनाए गए.

इसके साथ ही चेकोस्लोवाकिया में 'वेलवेट क्रांति' पूरी हो गई.

1990 में चेकोस्लोवाकिया में चेक और स्लोवाकिया गणराज्य का गठन किया गया.

आख़िरकार 1993 में चेकोस्लोवाकिया का विघटन हो गया और चेक गणराज्य और स्लोवाकिया के नाम से दो अलग-अलग देशों का जन्म हुआ.

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