इतिहास के पन्नों में 25 नवंबर

इतिहास के पन्नों में 25 नवंबर के दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं.

इनमें अमरीकी राष्ट्रपति केनेडी का अंतिम संस्कार और ग्रीस में तख़्ता पलट प्रमुख हैं.

1963: राष्ट्रपति केनेडी का अंतिम संस्कार

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption केनेडी के तीन साल के पुत्र केनेडी जूनियर अपने पिता को सलामी देते हुए.

आज ही के दिन 1963 में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी का अंतिम संस्कार हुआ था. अमरीका की राजधानी वाशिंगटन में लगभग आठ लाख लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए जाते हुए उनके पार्थिव शरीर को देखा.

शहर के बीचों बीच बने हुए सेंट मैथ्यूज़ कैथेड्रल की तरफ़ जा रहे काफ़िले को देखकर कई लोग रो रहे थे.

उनके ठीक पीछे उनकी पत्नी जैकलीन केनेडी और उनके दो बच्चे और जॉ़न केनेडी के दो भाई एक दूसरी गाड़ी में थे.

उनको श्रद्धांजलि देने के लिए दुनिया भर के राजनेता और राजशाही के लोग पहुंचे थे.

अमरीका के इतिहास में शायद इससे पहले कभी भी दुनिया भर के इतने गणमान्य व्यक्ति एक साथ जमा नहीं हुए थे.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के अलावा ड्यूक ऑफ़ एडिनबरा भी मौजूद थे.

तत्कालीन सोवियत संघ के उप प्रधानमंत्री अनासत्स मिकोयान भी राष्ट्रपति क्रुश्चेव का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

उनके तीन साल के बेटे जॉन केनेडी जूनियर ने आगे आकर अपने हाथों को सलामी देने की मुद्रा में उठाया.

तीन दिन पहले यानी 22 नवंबर को टेक्सस के शहर डलास में जॉन एफ़ केनेडी की हत्या कर दी गई थी.

केनेडी की हत्या के कथित अभियुक्त ली हार्वे ऑस्वाल्ड की भी 24 नवंबर को हत्या हो गई थी.

लेकिन आज तक केनेडी की हत्या को लेकर कई विवाद जुड़े हुए हैं.

1973: ग्रीस में सेना ने राष्ट्रपति का तख़्ता पलटा

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption जॉर्ज पापाडोपोलोस ख़ुद भी छह साल पहले तख्ता पलट कर सत्ता में आए थे.

ग्रीस में हफ़्तों से फैली अशांति के बीच आज ही के दिन 1973 में वहां की सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज पापाडोपोलोस का तख़्ता पलट दिया था.

25 नवंबर की सुबह सुबह सेना के टैंक राजधानी एथेंस की सड़कों पर दिखने लगे और फिर उन्होंने सारे सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लिया.

लेकिन जनता की ओर से किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ.

इस तख़्तापलट का नेतृत्व मिलिट्री पुलिस के तत्कालीन प्रमुख ब्रिगेडियर डेमेट्रियोस आयोनिडिस ने किया था.

इसके आठ दिन पहले ग्रीस में छात्रों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन किया था जिसमें हुई हिंसक झड़पों में 13 लोग मारे गए थे.

पापाडोपोलोस ख़ुद भी छह साल पहले तत्कालीन सरकार का तख़्ता पलट कर सत्ता में आए थे.

सेना के एक कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ाइडॉन गिज़िकिस को राष्ट्रपति पापाडोपोलोस की जगह देश का नया नेता चुना गया.

गिज़िकिस ने देश के नाम अपने पहले संदेश में कहा कि पापाडोपोलोस ने ग्रीस की जनता को शर्मसार किया था.

संबंधित समाचार