हीथ्रो एयरपोर्ट पर करना पड़ सकता है लंबा इंतज़ार

  • 25 नवंबर 2011
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Image caption बुधवार को अप्रवासन अधिकारी हड़ताल पर हैं

लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले हफ़्ते 'इमिग्रेशन' यानी अप्रवासन अधिकारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से हवाई यात्रियों को सफ़र में 12 घंटे तक की देरी झेलनी पड़ सकती है.

मुख्य परिचालन अधिकारी नॉर्मन बोल्विन के मुताबिक़ एयरपोर्ट पर जाम लगने का ख़तरा है.

बुधवार को इंग्लैंड के सरकारी क्षेत्रों के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से ये मुश्किल पैदा हो गई है.

सरकारी क्षेत्रों की इस हड़ताल में अप्रवासन विभाग के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लेने की घोषणा की है.

हीथ्रो एयरपोर्ट दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक है और यहां से सबसे ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्री सफ़र करते हैं.

हीथ्रो एयरपोर्ट के संचालक 'बीएए' हवाई सेवा कंपनियों और यूके बॉर्डर एजेंसी से बातचीत कर रही है कि कैसे इस हड़ताल के असर को कम किया जाए.

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर असर पड़ेगा लेकिन देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी.

उनके प्रवक्ता ने कहा, "कम से कम जो होगा वो ये कि लोगों की लंबी कतारें होंगी और सीमाओं पर लोगों को ज़्यादा देर इंतज़ार करना पड़ेगा."

लंबा होगा इंतज़ार

हीथ्रो से संचालन करने वाली सभी हवाई सेवाओं को पत्र लिखकर बोल्विन ने कहा, "लोगों को अप्रवासन के लिए इतना ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ेगा कि यात्रियों को पूरी सुरक्षा के साथ एयरपोर्ट परिसरों के अंदर रखा नहीं जा सकेगा और उन्हें टर्मिनल पर खड़े विमानों के अंदर ही इंतज़ार करना पड़ेगा."

उन्होंने आगे कहा, "इससे तुरंत ही एयरपोर्ट पर 'जाम' लग सकता है और आने वाले विमानों को उतरने की जगह नहीं मिलेगी. इसकी वजह से यहां से उड़ने वाले कई विमानों को रद्द किया जा सकता है और यहां उतरने वाले विमानों को इंग्लैंड से बाहर उतरने पर मजबूर होना पड़ सकता है."

उन्होंने कहा कि इन यात्रियों को अनुमानित 12-12 घंटो की देरी हो सकती है.

इस दबाव को कम करने के लिए बोल्विन ने एयरलाइनों से कहा है कि वो अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आधी कटौती कर दें.

बीबीसी के ट्रांसपोर्ट संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि हड़ताल वाले दिन अप्रवासन विभाग में 30-50 प्रतिशत तक की उपस्थिति रह सकती है.

इमिग्रेशन सर्विस यूनियन की महासचिव लूसी मॉर्टन का कहना है कि उन्हें लोगों से सहानुभूति की उम्मीद नहीं है. लेकिन फिर भी वो कहती हैं, "हम चाहते हैं कि ये हड़ताल पूरी तरह से कारगर रहे. हम चाहते हैं कि ये जल्दी ही कारगर साबित हो, ताकि हमें उसे दोबारा करने की ज़रूरत महसूस न हो."

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