क्लस्टर बम पर अमरीकी योजना नामंज़ूर

  • 26 नवंबर 2011
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क्लस्टर बमों के इस्तेमाल पर नए अंतरराष्ट्रीय समझौते की कोशिश नाकाम हो गई है.

जिनेवा में मतदान के दौरान अमरीका, चीन और रूस का ये प्रस्ताव ठुकरा दिया गया है.

दरअसल अमरीका, चीन और रूस क्लस्टर बमों के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी के पक्ष में नहीं थे, बल्कि वे इसे नियंत्रित करने के समझौते के पक्ष में थे.

अमरीका, चीन और रूस ने जो प्रस्ताव पेश किया था, उसके तहत वर्ष 1980 से पहले के बने क्लस्टर बमों को नष्ट करने की बात थी.

लेकिन निशस्त्रीकरण का समर्थन करने वाले गुटों का तर्क है कि इस तरह के समझौते से क्लस्टर बमों का इस्तेमाल और बढ़ेगा क्योंकि इसके तहत आधुनिक क्लस्टर बमों के इस्तेमाल की अनुमति थी.

ये गुट संयुक्त राष्ट्र के उस समझौते का समर्थन कर रहे हैं, जिस पर 111 देशों ने पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस समझौते में क्लस्टर बमों के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी की बात है.

लेकिन इस समझौते को उन देशों का समर्थन नहीं हासिल जो क्लस्टर हथियारों का निर्माण करते हैं. इन देशों में प्रमुख हैं अमरीका, रूस और चीन.

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