इतिहास के पन्नों में 30 नवंबर

  • 30 नवंबर 2011

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पता चलता है कि 30 नवंबर के नाम कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं.

1995: बिल क्लिंटन उत्तरी आयरलैंड पहुंचे

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Image caption क्लिंटन के इस दौरे से उत्तरी आयरलैंड में शांति का रास्ता साफ हुआ था.

आज ही के दिन 1995 में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तरी आयरलैंड का दौरा किया था. वहां का दौरा करने वाले वो पहले अमरीकी राष्ट्रपति थे.

उत्तरी आयरलैंड के लोगों ने बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया.

उन्होंने प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक दोनों पंत के मानने वालों से मुलाक़ात की. उन्होने क्रिस्मस ट्री को भी रौशन किया.

लोगों को संबोधित करते हुए बिल क्लिंटन ने कहा कि अमरीका और उत्तरी आयरलैंड शांति, सुरक्षा और प्रगति में एक दूसरे के भागीदार हैं.

क्लिंटन दंपतियों ने सिन फ़ेन के नेता जेरी एडम्स से भी मुलाक़ात की. दुनिया भर के फ़ोटोग्राफ़र क्लिंटन और एडम्स को हाथ मिलाते हुए तस्वीर नहीं खींच पाए लेकिन उस रास्ते से गुज़रते हुए एक आम आदमी ने उन दोनों की तस्वीर खींची थी जिसे बाद में पूरी दुनिया मे दिखाया गया था.

क्लिंटन के इस दौरे को काफ़ी सफल माना जा रहा था क्योंकि दोनों ही पक्षों ने उनका जमकर स्वागत किया था.

लेकिन उनके दौरे के सिर्फ़ दो महीने बाद ही आयरिश रिपब्लिकन आर्मी या आइआरए ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए लंदन में धमाका कर दिया था.

आइआरए ने जुलाई 1997 में एक दफ़ा फिर संघर्ष विराम की घोषणा की लेकिन हिंसा जारी रही थी.

आख़िरकार मई 1998 में गुडफ़्राइडे शांति समझौते के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ.

जूलाई 2005 में आइआरए ने हथियार बंद संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की और अपने सारे हथियारों को नष्ट कर दिया.

1982: डाउनिंग स्ट्रीट दफ़्तर में लेटर बम धमाका

Image caption ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का कार्यालय

आज ही के दिन 1982 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के दफ़्तर 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर एक लेटर बम फटा था.

उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर दफ़्तर में मौजूद थीं लेकिन उस धमाके से उन्हें कोई नुक़सान नही हुआ था. उनके एक कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुए थे.

प्रधानमंत्री थैचर के नाम से एक चिट्ठी 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर जैसे ही पहुंची, वहां मौजूद अधिकारियों को कुछ शक हुआ.

इस तरह के सामान की देख रेख करने वाले अधिकारी पीटर टेलर ने जैसे ही इसे खोला, उसमे रखा बम फट गया और पीटर का हाथ और चेहरा जल गया.

पीटर को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया और कुछ घंटों के बाद उन्हें अस्पताल से रिहा कर दिया गया.

वन्य जीवों के लिए काम कर रही एक संस्था एनिमल राइट्स मिलिशिया ने ये बम भेजा था.

80 के दशक से इस तरह के कुछ संगठन वन्य जीवों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहें थे लेकिन वो अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए हिंसा तक का सहारा लेते हैं.

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