लीबिया में अब भी 7000 बंधक: संयुक्त राष्ट्र

लीबिया के बंधक इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption इन बंधकों में से कुछ गद्दाफ़ी शासन के दौरान भाड़े पर लाए गए लड़ाके हैं

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि लीबिया के पूर्व लड़ाकों ने अभी भी लगभग 7000 लोगों को जेलों और अस्थायी केंद्रों में बंधक बना रखा है.

इन बंदियों को किसी तरह की क़ानूनी मदद नही मिल रही है क्योंकि पुलिस और अदालतें फ़िलहाल लीबिया में काम नही कर रहीं हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार शक है कि इनमें से कई लोग कर्नल गद्दाफ़ी के समय में भाड़े के सैनिकों के रूप में काम कर रहे थे और संभव है कि कुछ को प्रताड़ित भी किाय गया हो.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इस मामले से निपटने के लिए कहे जाने पर नई लीबियाई सरकार का रवैया सकारात्मक था.

विद्रोह के बाद पहली समीक्षा

न्यूयार्क में बीबीसी के संवाददाता बारबरा प्लेट के अनुसार, "आठ महीने के गृह युद्ध के समाप्त होने के बाद संयुक्त राष्ट्र की लीबिया की स्थिति की ये पहली समीक्षा है."

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा, ''मुझे विश्वास है कि लीबिया के नए नेता मानवाधिकारों के सम्मान से समाज बनाने के प्रति वचनबद्ध हैं.''

उन्होंने कहा, ''परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, बिना वैध कारण के किसी अन्य देश के या फिर लीबियाई नागरिकों को ही बंदी बनाना या प्रताड़ित करना बंद होना चाहिए."

नई सरकार का रवैया

संयुक्त राष्ट्र के लीबिया में दूत ईयन मार्टिन ने लीबिया में अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत किया है.

उन्होंने कहा, ''पिछले शासन की तुलना में फ़र्क साफ नज़र आता है क्योंकि अब मानवाधिकारों के उल्लंघन से सरकार इनकार नहीं करती है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ उन तक पहुंच सकती हैं.''

ईयान मार्टिन ने कहा, ''नए गृह मंत्री ने मुझसे कहा कि वह सार्वजनिक आलोचना का स्वागत करते हैं क्योंकि यह मुद्दों से निपटने में उसके हाथ मज़बूत करता है.''

उन्होंने सुरक्षा परिषद से कहा कि लीबिया की नई सरकार का रवैया कैसा भी हो, उसके सामने कडी़ चुनौतियां हैं.

संबंधित समाचार