ब्रिटेन ने तेहरान से कुछ कर्मचारी हटाए

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Image caption प्रदर्शनकारियों ने ब्रितानी झंडा भी जलाया था

ब्रिटेन ने ईरान से अपने कुछ कर्मचारियों को राजधानी तेहरान से हटा लिया है.

मंगलवार को तेहरान में दो ब्रितानी कूटनयिक कार्यालयों पर प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद ब्रिटेन ने ये क़दम उठाया है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वजह से लगाए गए ताज़ा आर्थिक प्रतिबंध के बाद प्रदर्शनकारियों ने इन ब्रितानी कार्यालयों में घुसकर तोड़फोड़ की और ब्रिटेन के झंडे जलाए.

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि इन हमलों के लिए ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

अमरीका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इन हमलों की निंदा की है.

'सुरक्षा प्राथमिकता'

ब्रितानी विदेश विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन के कुछ कर्मचारी तेहरान से वापस बुलाए जा रहे हैं.

हालांकि अभी ये नहीं बताया गया है कि कितने कर्मचारियों को वापस बुलाया गया है.

प्रधानमंत्री कैमरन के अलावा विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी कहा है कि इस कार्रवाई के लिए ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

सरकार की ओर से कहा गया है कि ब्रितानी कूटनयिक अधिकारियों और उनके परिवार की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है.

सरकार ने अपने आगे की योजना के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार ईरान की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ब्रितानी कूटनयिक कार्यालयों से बाहर निकाल दिया है.

लेकिन दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने एक बयान जारी करके कहा है कि वे ब्रितानी सरकार के युद्धोत्तेजना फैलाने वाली नीतियों के ख़िलाफ़ चुप नहीं बैठेंगे.

उन्होंने ईरान सरकार से अपील की है कि वह ब्रिटेन से सारे कूटनयिक संबंध तोड़ ले.

ईरान सरकार ने कहा है कि कूटनयिक कार्यालयों पर हमला स्वीकार्य कार्रवाई नहीं है. हालांकि इस बयान ने ब्रिटेन को संतुष्ट नहीं किया है.

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