माइकल जैक्सन के डॉक्टर को चार साल की क़ैद

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Image caption जज ने कहा कि सबूतों से साफ़ पता चलता है कि डॉ़ मरे लगातार झूठ बोल रहे थे और चाल चल रहे थे.

अमरीका की एक अदालत ने माइकल जैक्सन की मौत के मामले में उनके निजी डॉक्टर कोनराड मरे को चार साल की कै़द की सजा़ सुनाई है.

इस महीने छह हफ़्तों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने डॉक्टर कोनराड मरे को जैक्सन की अनजाने में हत्या करने का दोषी करार दिया था.

जज माइकल पास्टर ने डॉ. मरे को अनैच्छिक हत्या के लिए अधिकतम चार साल की सजा सुनाई.

उन्होंने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में सबूतों से साफ़ पता चलता है कि डॉ़ मरे लगातार झूठ बोल रहे थे और चाल चल रहे थे.उन्हें अपने इस काम पर कोई पछतावा भी नही है.

जज ने कहा कि डॉ.मरे पैसे कमाने के दुष्चक्र में फँस गए थे. उन्होंने एक डॉक्टर के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन नही किया.

सज़ा पर हुई बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने डॉ मरे के लिए अधिकतम सज़ा दिए जाने का माँग की.

इस पर मरे के बचाव कर रहे वकील ने कहा कि डॉ मरे जीवन पर्यंत माइकल जैक्सन के हत्यारे के रूप में कुख्यात रहेंगे, इससे बड़ा दंड और क्या हो सकता है.

साथ ही उनका डॉक्टरी लाइसेंस भी छीना जा सकता है.

सज़ा सुनाए जाने के बाद माइकल जैक्सन की माँ कैथरीन जैक्सन ने कहा कि चार साल की सज़ा उनके बेटे को वापस नही ला सकती.

विश्वासघात

जैसे ही अदालत में सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही शुरू हुई माइकल जैक्सन के पारिवारिक मित्र मे उनके परिवार की ओर से जारी एक बयान पढ़ा.

इसमें अदालत से उपयुक्त सज़ा सुनाए जाने की अपील की गई.

बयान में कहा गया, "हम अदालत का सम्मान करते हुए निवेदन करते हैं कि इस मामले में ऐसी सज़ा सुनाए जिससे पता चले कि डॉक्टर अपनी सेवाओं की बोली नही लगा सकते और डॉक्टर बनते समय सेवा भावना की जो हिप्पोक्रेटिक शपथ ली जाती है ,उस दृष्टिकोण की अवहेलना नही कर सकते".

बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि डॉ मरे ने जीवन भर समाज की सेवा की है उन्होंने कैरेबियाई डॉक्टरों की मदद की है यहाँ तक कि टेक्सास के ह्यूस्टन के सबसे ग़रीब इलाके में क्लीनिक भी खोली है.

माइकल जैक्सन की मौत 25 जून 2009 को एक शक्तिशाली एनस्थीसिया प्रोपोफोल अधिक मात्रा में दिए जाने के कारण हुई थी. माइकल जैक्सन 2009 में लंदन में होने वाले एक कॉनसर्ट की तैयारी में जुटे थे.

मरे के वकीलों का कहना था कि जैक्सन ने एनस्थीसिया उस समय खुद ले लिया था जब डॉक्टर कमरे में नहीं थे.

डॉ मरे के ख़िलाफ़ यह मामला पिछले छह हफ्ते से चल रहा था जिसमें 49 लोगों की गवाही ली गई और 300 से अधिक सबूत पेश किए गए थे.

अभियोजन पक्ष ने कहा था कि डॉ मरे की लापरवाही के कारण न केवल जैक्सन की मौत हो गई बल्कि दुनिया ने एक जीनियस खो दिया और जैक्सन के बच्चों को पिता नहीं मिल पाया.

बचाव पक्ष का तर्क था कि जैक्सन ड्रग्स के आदी थे और उन्होंने खुद ही प्रोपोफोल का ओवरडोज़ ले लिया था. जब जैक्सन ने दवाई का ओवरडोज़ लिया तब डॉक्टर जैक्सन के कमरे में नहीं थे.

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