संयुक्त राष्ट्र एजेंसी पर हैकरों का हमला

  • 30 नवंबर 2011
hacking
Image caption पिछले कुछ समय में संयुक्त राष्ट्र के अलावा कई और संस्थानों पर हैकरों का हमला बढ़ गया है.

हैकरों के एक समूह ने इंटरनेट पर ऐसे 100 से ज्य़ादा ईमेल आईडी छाप दिए हैं, जिसके बारे में उनका दावा है कि ये आईडी उन्हें संयुक्त राष्ट्र से निकाली हैं.

इनमें से कई ईमेल आईडी संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से जुड़े हुए है.

खुद को टीम-प्वाईज़न कहने वाला हैकरों के इस समूह ने संयुक्त राष्ट्र के व्यवहार को धोखा करार दिया है.

संयुक्त राष्ट्र विकास परिषद की प्रवक्ता के अनुसार संभवत: हैकरों के हाथ कोई पुराना सर्वर लग गया है.

सौसन गोशेह के मुताबिक यूएडीपी ने उस सर्वर को ऑफलाइन कर दिया है.

ये सर्वर 2007 का है और उसमें से निकाला गया एक भी पासवर्ड सक्रिय नहीं है.

प्रवक्ता के अनुसार UNDP.org डोमेन अभी भी पूर्ण रुप से सुरक्षित है.

लीक

लीक हुई जानकारियां टीम प्वाईज़न के लोगो के साथ पेस्टबिन नाम की वेबसाइट पर पोस्ट की गईं थी.

इस संदेश में संयुक्त राष्ट्र पर आरोप लगाया गया है कि वो दुनिया की एक नई व्यवस्था सामने लेकर आया है और सवाल करता है कि इसमें उन्हें क्यों नहीं शामिल किया गया?

इनमें से ज्य़ादातर ईमेल का पता undp.org का है, लेकिन इनमें से कई आईडी संयुक्त राष्ट्र महासंघ, आर्थिक विकास और सहयोग संगठन और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से भी जुड़े हुए हैं.

हालांकि इस पोस्ट को डालने वाले शख्स ने ये भी कहा है कि इनमें से ज्य़ादातर आईडी का पासवर्ड नहीं मिला है.

क्रेडिट कार्ड के ज़रिए हमला

सुरक्षा एजेंसी सोपहोस के मुताबिक टीम प्वॉइज़न के हैकरों ने इससे पहले ब्लैकबेरी के स्मार्टफोन वेबसाइट पर हमला कर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से संबंधित जानकारियां लीक की थी.

सोपहोस के वरिष्ट टेक्नोलॉजी कंसल्टेंट ग्राहम क्लूली के अनुसार समूह जल्द ही ऑपरेशन रॉबिन हुड शुरु करने जा रहा है, जिसमें इनका अगला निशाना बैंक और अन्य वित्तीय संगठन होंगे.

हैकरों के इस समूह का दावा है कि इस तरह के ऑपरेशन में उसे क्रेडिट कार्ड से जो पैसा हासिल होता है उन्हें वो ज़रुरतमंदों को दान में दे देते हैं.

उनका कहना है कि इससे लोगों का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए क्योंकि बैंकों ने उनसे गलत तरीके से जो पैसे लिए हैं हम उन्हें वो वापस दिला देंगे.

टीम प्वाइज़न ने बिना किसी का नाम लिए चेतावनी दी है और यूट्यूब के वीडियो का एक लिंक दिया है जिसमें बैंकों पर किए जाने वाले हमले के बारे में और जानकारी दी है.

यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के कंप्यूटिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एलन वुडवार्ड के मुताबिक हैकरों का ये समूह ना सिर्फ अपने काम में माहिर है बल्कि अन्य हैकरों के साथ मिलकर भी काम कर सकता है.

वुडवार्ड के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह ये है कि लोगों के आसपास इतनी ज्य़ादा जानकारियां इकट्ठा हो गई हैं कि अक्सर वो पुराने सिस्टम में रखी जानकारियों और आंकड़ों के बारे में भूल जाते हैं.

इसलिए इस घटना से हमें ये सबक मिलती है कि हमारे पास जो भी जानकारी हो उसे सुरक्षित रखा जाए.

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