यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए

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Image caption यूरोपीय संघ ने कहा है कि वो तेहरान में ब्रितानी दूतावास के भीतर हुई हिंसा पर वाजिब जवाब देगा.

यूरोपीय संघ ने ईरान के विवादस्पद परमाणु कार्यक्रम की वजह से 180 ईरानी अधिकारियों और कंपनियों पर ताज़ा प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.

यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने ब्रसल्स में हुई बैठक में ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को लक्ष्य बनाकर कुछ अन्य क़दम उठाने पर भी सहमति जताई है.

ये प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट के बाद लगाए जा रहे हैं जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को परमाणु हथियारों के विकास से जोड़ा गया था.

ईरान इस आरोप का खंडन करता रहा है.

यूरोपीय संघ के ये प्रतिबंध तेहरान में ब्रितानी दूतावास पर हुई हिंसा के बाद आए हैं.

प्रतिबंधों के निशाने पर परमाणु कार्यक्रम

बुधवार को ब्रिटेन ने ऐलान किया था कि वो लंदन से ईरान के सभी कूटनयिकों को निष्कासित कर रहा है.

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख कैथरीन एशटन के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि नए प्रतिबंध 39 व्यक्तियों और 141 कंपनियों पर लगाए जा रहे हैं. इन प्रतिबंधों में घूमने-फिरने पर पाबंदी और संपत्तियों की लेन-देन पर रोक शामिल है.

यूरोपीय संघ के एक बयान में कहा गया है, “संघ ने मौजूदा पाबंदियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है. नए क़दम ईरान की वित्तीय व्यवस्था, यातायात और ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाएंगे.”

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि यूरोप के विदेश मंत्री ईरान के तेल पर प्रतिबंध लगाने पर सहमत नहीं हो पाए हैं क्योंकि यूरोप के कुछ देश ईरान के तेल पर निर्भर हैं.

बैठक के बाद कहा गया है कि आगे के प्रतिबंध जनवरी से पहले नहीं लगाए जा सकेंगे.

अधिकारियों का कहना है कि नए प्रतिबंध का तेहरान में ब्रितानी दूतावास में हुई हिंसा से ताल्लुक़ नहीं है. लेकिन बैठक में तेहरान में हुई घटना की आलोचना हुई और कहा गया कि यूरोपीय संघ इस हिंसा का वाजिब जवाब देगा.

बयान में ये नहीं बताया गया कि ये वाजिब जवाब क्या होगा.

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