स्मार्टफ़ोन है, ईमेल है....आपकी तो ख़ैर नहीं: असांज

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Image caption विकिलीक्स के अनुसार दस्तावेज़ सार्वजनिक करना बंद करने के बाद उसका राजस्व 95 प्रतिशत गिरा है

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने कहा है कि विश्व के 25 देशें में फ़ैली 150 से अधिक कंपनियाँ सेलफ़ोन और अन्य उपकरणों के ज़रिए आम जनता की जासूसी करने में तानाशाहों और लोकतांत्रिक सरकारों की मदद कर रही हैं.

उनके अनुसार इन कंपनियों के उपकरणों के ज़रिए विश्व भर में आम लोगों के फ़ोन कॉल और मेसेज को गुप्त तरीके से सुना-पढ़ा जा रहा है.

लंदन में सिटी यूनिवर्सिटी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा - "आप सभी लोग जो स्मार्ट फ़ोन और ई-मेल का इस्तेमाल कर रहे हो, आपकी तो ख़ैर नहीं."

इसी संवाददाता सम्मेलन के साथ ही विकिलीक्स की सहयोगी संस्था ऑनी डॉट एफ़आर ने 287 नई फ़ाइलें सार्वजनिक कर दीं.

असांज के मुताबिक इन फ़ाइलों से विश्व भर में फ़ैले उस उद्योग की झलक मिलती है जो तानाशाहों को ऐसे उपकरण बेच रही है जिससे वे अपने नागरिकों पर ख़ुफ़िया तरीके से नज़र रख रहे हैं.

'पश्चिमी देशों की कंपनियों ने बेचे उपकरण'

उनका कहना था, "हम 287 ऐसी फ़ाइलें सार्वजानिक कर रहे हैं जिनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़ैले गुप्त तरीके से नागरिकों की जासूसी करने के उद्योग का पता चलता है. ये उद्योग तानाशाहों, लोकतांत्रिक देशों को उपकरण बेचता है ताकि वे अपनी जनता पर ख़ुफ़िया तरीके से नज़र रख सकें."

असांज की सहयोगी संस्था ऑनी डॉट एफ़आर ने एक फ़्रांसीसी कंपनी के बारे में जानकारी दी जिसके मुताबिक उसने लीबिया के पूर्व शासक कर्नल गद्दाफ़ी को ब्रिटेन में रह रहे विपक्षी नेताओं की जासूसी करने में कथित तौर पर मदद की थी.

असांज के सहयोगी जेकब एपलबॉम ने कहा, "इन दस्तावेज़ों में उन सिस्टम्स के बारे में बताया गया है जिन्हें स्टासी (पूर्वी जर्मनी की गुफ़िया पुलिस) के लिए बनाना उसके लोगों की दिली इच्छा होगी. ये सिस्टम पश्चिमी देशों की कंपनियों ने सीरिया, लीबिया, ट्यूनिशिया और मिस्र को बेची हैं. इनके ज़रिए लोगों का पीछा किया जाता है और कई लोगों की हत्या भी कर दी जाती है."

विकिलीक्स ने बताया है कि 24 अक्तूबर को दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने की सुविधा निलंबित के बाद से उसका राजस्व 95 प्रतिशत गिरा है.

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