ब्रिटेन में 'ऑनर क्राईम' के मामलें बढ़ें

  • 3 दिसंबर 2011
बनाज़ महमूद (फ़ाईल)
Image caption बनाज़ महमूद अपने गुस्सैल पति को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई थी लेकिन साल 2006 में उनके परिवारवालों ने उनकी हत्या करा दी

ब्रिटेन पुलिस की तरफ़ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले साल उन्होने 'ऑनर क्राइम' के कम से कम 2,823 मामलें दर्ज किए.

महिलाओं के अधिकार संबंधी मामलों की देखरेख करने वाली एक संस्था 'ईरानियन एंड कुर्दिश वोमेन्स राईट्स ऑर्गनाइज़ेशन' (आईकेडब्ल्यूआरओ) ने ब्रिटेन में सूचना कानून के तहत यह जानकारी मांगी थी.

पिछले साल अकेले लंदन में ही 'ऑनर क्राइम' के 500 मामलें दर्ज किए गए.

अपने परिवार की कथित तौर पर बदनामी का कारण बनने वाले लोगों को जब सज़ा देने के लिए उनके परिवार के लोग कानून अपने हाथ में ले लेते है तब उसे 'ऑनर क्राइम' कहते है.

तेज़ाब फ़ेकना, अपहरण या हत्या करना जैसे मामलें आम तौर पर 'ऑनर क्राइम' में शामिल होते है.

'मामले बढ़े'

आईकेडब्ल्यूआरओ का दावा है कि जुलाई से नवंबर तक के बीच किया गया ये शोध अब तक का सबसे अच्छा अनुमान है. हालाँकि संस्था का ये भी कहना है कि ये शोध संपूर्ण तस्वीर बयां नही करता है.

उन्होने पाया कि ब्रिटेन की 52 पुलिस एजेंसियों में से आठ ने साल 2010 में 100 से अधिक ऑनर क्राइम के मामले दर्ज किए.

हालाँकि आईकेडब्ल्यूआरओ के अनुसार ब्रिटेन की क़रीब एक-चौथाई पुलिस एजेंसियां ने सही सूचना देने में आनाकानी की या असमर्थता जताती रही.

आईकेडब्ल्यूआरओ की निदेशक डायना नैमी के अनुसार परिवार वाले अकसर ऑनर क्राइम के मामलें छुपाते है और ऐसे अपराध करनेवालों का साथ देते है.

डायना नैमी का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों के लिए मदद करने बहुत कम लोग आते है.

डायना नैमी ने बीबीसी को बताया, ''ऑनर क्राइम में शामिल होने वाले लोगों को अपने समुदाय में नायक की तरह देखी जाता है क्योंकि वो मानते है कि ऐसे अपराधी परिवार की इज्जत की रक्षा कर रहे है.''

उन्होने बताया कि ज़्यादातर ऐसे मामलों में पुलिस पीड़ितों की कुछ समय तक ही मदद करते है, जबकि खतरा जीवनभर बना रहता है.

आईकेडब्ल्यूआरओ की तरफ़ से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार ऑनर क्राइम के मामलों की बढ़ना काफ़ी गंभीर है.

ब्रिटेन में प्रमुख पुलिस अधिकारियों की संगठन (एसीपीओ) ने इस समस्या के जड़ को समझने लिए साल 2008 में रणनीति बनाई थी. तब ये निर्देश दिया गया था कि सभी पुलिस एजेंसियां ऑनर क्राइम के मामलों से जुड़ी जानकारियां इक्ट्ठा करे.

ब्रिटेन की 52 पुलिस एजेंसियों में से 45 ने ये काम शुरू कर दिया है, हालाँकि स्कॉटलैंड में ऐसा कोई निर्देश नही है.

पिछले कुछ सालों में भारत में भी ऑनर क्राइम के बहुत से मामले सामने आए है.

उत्तर भारत के गांवों में लगने वाले खाप पंचायतें ऑनर क्राइम को बढ़ावा देने के लिए बदनाम माने जाते है.

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