रूस में संसदीय चुनाव, धाँधली के आरोप

  • 4 दिसंबर 2011
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रूस में निचले सदन ड्यूमा के लिए मतदान हो रहा है. इसके बाद निचले सदन की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी.

कई जगह चुनावी क़ानून के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. रूस के एकमात्र स्वतंत्र निगरानी गुट गोलोस के पास 5300 शिकायतें आई हैं.

संस्था की प्रमुख को मॉस्को के हवाईअड्डे पर रोका गया है क्योंकि उन्होंने अपना लैपटॉप देने से मना कर दिया. इस गुट को मुख्यत अमरीका और यूरोपीय संघ से पैसा मिलता है हालांकि ये किसी पार्टी से नहीं जुड़ा है.

प्रधानमंत्री व्लादिमिर पुतिन ने आरोप लगाया है कि विदेशी ताकतें चुनावों में दखलअंदाज़ी कर रही हैं. पुतिन सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के अध्यक्ष हैं.

ड्यूमा के कई सदस्यों ने भी सवाल उठाया है कि क्यों एक ऐसी संस्था रूसी चुनावों की निगरानी कर रही है जिसे बाहर से पैसा मिलता है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब तक के निचले सदन को क्रेमलिन के रबर स्टांप की तरह देखा जाता रहा है और शायद यही कारण है कि रूसी लोगों ने चुनावी अभियान को लेकर कोई ख़ास उत्साह नहीं दिखाया.

इस चुनाव को पुतिन की लोकप्रियता पर जनमतसंग्रह के तौर पर देखा जा रहा है. पुतिन तीन महीने बाद फिर से राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने वाले हैं. वे 2000 और 2008 में राष्ट्रपति रह चुके हैं.

ड्यूमा में 450 सीटे हैं. चुनाव में सात पार्टियों को लड़ने की अनुमित दी गई है. 2007 में 11 पार्टियाँ थीं.

निचले सदन में पुतिन की पार्टी का बहुमत था. कुछ सीटें कम्युनिस्ट पार्टी, लिब्रल डेमोक्रेटिक पार्टी के पास हैं.

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