सीरिया को रविवार तक की मोहलत

  • 4 दिसंबर 2011
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Image caption अकेले नवंबर महीने में सीरिया में हुई हिंसक घटनाओं में 950 लोगों के मरने की खबर है

अरब लीग ने सीरिया पर दबाव बरक़रार रखते हुए उसे शांति प्रस्ताव पर दस्तख़त करने के लिए रविवार तक की मोहतल दी है.

अरब लीग चाहती है कि हिंसा पर रोकथाम की देखरेख के लिए उसके प्रस्तावित पर्यवेक्षकों को सीरिया देश में आने दे.

पिछले हफ़्ते लिए गए एक अभूतपूर्व फ़ैसले में लीग ने सीरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.

इनमें से कई प्रतिबंध लागू भी किए जा चुके है.

शनिवार को अरब लीग ने 19 बड़े सीरियाई अधिकारियों की एक नई सूची जारी कर इनके ज़मीन-जायदाद ज़ब्त करने की घोषणा की थी. इन अधिकारियों के अरब देशों में आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है.

इधर सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की समर्थक सेना और सरकारी सेना छोड़ चुके सैनिकों के बीच हुई ताज़ा झड़पों में 23 लोगों की मौत हो गई है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच हिंसा बढ़ती ही जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया में सरकार विरोधी आंदोलनों पर की गई कार्रवाई के दौरान अब तक चार हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.

हिंसा की ये घटना ऐसे समय हुई है, जब अमरीकी उपराष्ट्रपति जो-बाइडन ने चेतावनी दी है कि अगर ये संघर्ष बंद नहीं हुआ तो सीरिया में सांप्रदायिक संघर्ष शुरु हो सकता है.

इस्तांबुल में एक कार्यक्रम में बोलते हुए बाइडन ने सीरिया के हालात को दमन की क्रूर कार्रवाई बताया है.

उन्होंने तुर्की और अन्य अरब देशों की मांगों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति बशर-अल-असद को सत्ता छोड़ने के लिए कहा.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के उस बयान का भी स्वागत किया जिसमें संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया में हो रहे हिंसक वारदातों की निंदा की है.

हालांकि सीरिया की सरकार इसके लिए हथियारबंद गिरोह और विदेशी हस्तक्षेप को दोषी मानती है.

उल्लंघन

इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रितानी राजदूत के अनुसार संयुक्त राष्ट्र को अपना अब तक का सबसे कठिन फैसला लेते हुए, सीरिया में लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ़ एक प्रस्ताव पास करना पड़ा.

इस प्रस्ताव में बुद्धिजीवी कैदियों की रिहाई के अलावा उन सुरक्षा बलों के निलंबन की मांग की गई है जिनपर मानवाधिकार उल्लंघन का शक है.

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Image caption हिंसा की घटनाओं के बीच राष्ट्रपति बशर अल असद पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा है

संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले की जानकारी संयुक्त राष्ट महासचिव तक पहुंचाए जाने के लिए एक विशेष जांचकर्ता को भी नियुक्त किया है.

दोहा में अरब देशों के विदेश मंत्रियों से हुई मुलाक़ात के बाद क़तर के विदेश मंत्री ने सीरिया के अधिकारियों से संपर्क में होने की बात कही है.

शेख हमाद बिन जासिम के अनुसार सीरिया जब चाहे तब आकर मसौदे पर हस्ताक्षर कर सकता है.

सीरिया से अब तक सिर्फ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर ही सुरक्षाबलों द्वारा हमले की खबर थी, लेकिन अब वहां लगातार सेना के विद्रोहियों और हथियारबंद नागरिकों की सरकारी फौज के साथ हिंसक झड़पों की खबरें आ रही हैं.

खू़नी महीना

सीरिया में लगातार हो रही इन मौतों की पुष्टि करना मुश्किल है क्योंकि वहां कि सरकार ने विदेशी मीडिया के देश में घुसने पर रोक लगा दिया है.

पर्यवेक्षकों के अनुसार अरीहा में भी सरकार विरोधी रैली में सुरक्षा बलों की फायरिंग के बाद दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी होम्स शहर में पांच नागरिकों के मौत की खबर दी है.

इस बीच सीरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी सना ने कहा है कि सत्ताधारी सैनिक बलों का कई सिलसिलेवार ऑपरेशनों में चरमपंथियों के साथ संघर्ष हुआ है, और सड़क पर बिछाए बम और बारूदी यंत्रों को नष्ट किया गया है.

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