रिश्ते सुधरेंगे अमरीका और पाकिस्तान के

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Image caption पाकिस्तान ने कई दिनों तक कड़ा रवैया अपनाए रखने के बाद अब रवैया नरम किया है.

अमरीका के साथ कड़ा रवैया अपनाने के कुछ दिनों बाद अब पाकिस्तान ने संकेत दिए है कि वो अमरीका के साथ गठबंधन के महत्व को समझता है जिसका अमरीका ने स्वागत किया है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी ने समाचार एजेंसी एपी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वो नैटो के हमले के बावजूद चाहते हैं कि अमरीका के साथ संबंध अच्छे हों.

अमरीका ने इस बयान का स्वागत किया है और कहा है कि ये सकारात्मक बयान है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, '' हम प्रधानमंत्री गिलानी के बयान का स्वागत करते हैं.''

टोनर का कहना था कि अमरीका लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंध अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों में हैं.

26 नवंबर को नैटो के एक हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिक मारे गए थे जिसके बाद पाकिस्तान ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नैटो के लिए रसद का रास्ता बंद कर दिया था और अमरीका से शम्सी एयरबेस खाली करने के लिए कहा था.

टोनर का कहना था, ''यह पाकिस्तान के राष्ट्रीय हित में है. यह उस क्षेत्र के हित में है कि हम साथ मिलकर काम करें. हम मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.''

पाकिस्तान ने इसी मुद्दे पर अफ़गानिस्तान के लिए हो रहे बॉन सम्मेलन का बहिष्कार किया था. इस बारे में पूछे जाने पर टोनर का कहना था, '' पाकिस्तान ने ये फ़ैसला किया कि वो सम्मेलन में नहीं जाएंगे.हम चाहते थे कि वो हिस्सा लें क्योंकि इस क्षेत्र के भविष्य के लिए पाकिस्तान ज़रुरी है.''

उनका कहना था, '' कुछ हफ्ते पहले एक घटना हुई जिसमें पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. यह एक दुर्घटना थी. उसकी जांच हो रही है. हम बार बार कहते रहे हैं कि यह दुखद है और हम पाकिस्तान से बेहतर रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं.''

उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के संबंधों में बहुत कड़वाहट आ गई थी. यहां तक कि राष्ट्रपति ओबामा ने फोन पर राष्ट्रपति ज़रदारी से बात की थी और अफसोस जताया था.

माना जाता है कि इसी बातचीत के बाद पाकिस्तान का रवैया बदला है और अब वो अमरीका के प्रति सकारात्मक बयान दे रहा है.

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