इतिहास के पन्नों में आठ दिसंबर

  • 8 दिसंबर 2011

इतिहास में आठ नवंबर के नाम कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. इसी दिन सोवियत संघ और अमरीका ने परमाणु हथियार कम करने की संधि पर दस्तख़त किए थे, बीटल के पूर्व सदस्य जॉन लेनन को गोली मारी गई थी और ब्रिटेन के उच्च सदन हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की अनुमति दी गई थी.

1987: महाशक्तियों ने हथियारों की होड़ पलटी

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Image caption रूसी राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचोव और अमरीकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने समझौते पर दस्तख़त किया था

आठ नवंबर 1987 के दिन विश्व की दो महाशक्तियों अमरीका और सोवियत संघ के नेताओं ने ऐसी पहली संधि पर दस्तख़त किया जिसमें भूमि आधारित परमाणु हथियारों के जख़ीरे को कम करने का प्रावधान था.

सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचोव और अमरीकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के बीच वॉशिंगटन में तीन दिन तक बैठक चली. इसके बाद परमाणु हथियारों की संख्या घटाने की संधि पर दस्तख़त कर हथियारों की होड़ की दिशा पलटने की पहली कोशिश की गई थी.

समझौते के मुताबिक़ मध्यम और कम दूरी के यूरोप स्थित सभी आणविक हथियारों को नष्ट करने योजना थी जो कि पश्चिमी रूस समेत यूरोपीय ठिकानों को निशाना बना सकते थे.

संधि के लागू होने पर 482 किलोमीटर से लेकर 5,472 किलोमीटर तक मार करनेवाले 1,752 रूसी और 859 अमरीकी मिसाइलों को तीन साल के भीतर नष्ट करने की योजना थी.

इस संधि को अमरीकी राष्ट्रपति रीगन ने असंभव काम को संभव बनाने की कोशिश करार दिया था जबकि रूसी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने इसे पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण संधि कहा था.

1983: लॉर्ड्स के सीधे प्रसारण की अनुमति

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Image caption प्रस्ताव लॉर्ड सोम्स ने सदन के पटल पर रखा था

आठ दिसंबर को ही ब्रितानी उच्च सदन हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने सदन की सीधी कार्यवाही टेलिविज़न पर दिखाने के पक्ष में मतदान किया था.

इस प्रस्ताव को सांसद लॉर्ड सोम्स ने सदन के पटल पर रखा था जिसे बहुमत से पारित किया गया था.

वो चाहते थे कि देश की जनता ये देख सके कि हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स का कामकाज कैसे चलता है और राजनीति की दिशा और दशा क्या है.

इससे पहले संसद सत्र के केवल शुरुआत की ही कुछ झलक जनता देख पाती थी.

लेकिन अमरीका जैसे दुनिया के दूसरे कई देशों में राजनेताओं के बीच होनेवाली बहस को टेलीविज़न पर दिखाया जाता था.

1980: जॉन लेनन की गोली मारकर हत्या

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Image caption जॉन लेनन बीटल के हत्यारे ने कुछ घंटे पहले उनसे ऑटोग्राफ़ मांगा था

संगीत बैंड बीटल के सदस्य जॉन लेनन को इसी दिन 1980 में न्यूयॉर्क स्थित उनके अपार्टमेंट के बाहर एक अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मार दी थी.

40 वर्षीय लेनन जब मैनहटन के अपने अपार्टमेंट डकोटा में जा रहे थे तभी उन्हें कई गोलियां मारी गईं.

पुलिस तुरंत उन्हें रूज़वेल्ट अस्पताल ले गई जहां उनकी मौत हो गई.हमले के समय उनकी पत्नी योको ओनो भी उनके साथ मौजूद थीं.

बाद में हत्यारे की पहचान मार्क चैपमैन के रूप में की गई थी जिन्होंने अपना गुनाह क़बूल कर लिया था.

उनका कहना था कि गोलीबारी के कुछ घंटे पहले उन्होंने लेनन से ऑटोग्राफ़ मांगा था.

चैपमैन अब भी इस गुनाह के लिए आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहे हैं.

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