रूस में दोबारा मतदान कराया जाए: गोर्बाचोव

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Image caption प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतीन के राज में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन मॉस्को में सोमवार को देखने को मिला

पूर्व सोवियत राष्ट्रपति मिख़ाइल गोर्बाचोव ने रूस में दोबारा मतदान कराए जाने की मांग की है. गोर्बाचोव के अनुसार संसदीय चुनाव के लिए रविवार को हुए मतदान में धांधली हुई है.

गोर्बाचोव ने कहा, ''देश के नेताओं को ये मानना चाहिए कि मतदान में धांधली की गई है और ये चुनाव लोगों की पसंद नही दर्शाती है.''

मॉस्को और दूसरी जगहों से 800 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद भी विरोध जारी है.

रूस में सरकार विरोधी प्रदर्शन में मुख्य भूमिका निभाने वाले लोगों को 15 दिनों के लिए जेल भेजा गया है.

रूस में सरकारी टीवी चैनल विरोध प्रदर्शनों को नकारते हुए केवल सरकार के पक्ष में हो रही रैलियों को दिखा रहे हैं.

प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के राज में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन मॉस्को में सोमवार को देखने को मिला जब हज़ारों लोग संसदीय चुनाव में धांधली का विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए.

मंगलवार को भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी रैली निकालने की कोशिश की थी लेकिन दंगा नियंत्रक पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया था.

Image caption गोर्बाचोव ने अपने शासन काल के अंतिम दिनों में कई सुधार कार्यक्रम लागू किए थे

लेकिन रूसी सरकार के समर्थन में हो रही रैलियों को नही रोका गया.

मॉस्को में मौजूद बीबीसी संवाददाता डैनियल सैंडफ़ोर्ड के अनुसार रुस में लोगों का विरोध चुनाव के नतीजों के खिलाफ़ शुरू हुआ, बाद में ज्यादातर नारे प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के ख़िलाफ़ लगे.

विरोध की तैयारी

ओएससीई मॉनिटर्स ने आरोप लगाया है कि चुनाव में यूनाइटेड रशिया पार्टी को फ़ायदा पहुँचाने के लिए मत पेटियों से छेड़छाड़ हुई थी.

रूसी समाचार एजेंसी इंटरफ़ैक्स को गोर्बाचोव ने बताया, “मुझे लगता है कि रुसी नेताओं के पास यही एक रास्ता है कि इस चुनाव के नतीजों को रद्द करके फिर से मतदान कराए जाएँ.”

अस्सी साल के गोर्बाचोव ने यूएसएसआर के अंतिम वर्षों में कई लोकतांत्रिक सुधार करवाए थे लेकिन बोरिस येल्तसिन के नेतृत्व में नए रूस के स्थापित होने के बाद उनकी लोकप्रियता तेज़ी से गिरी थी.

गोर्बाचोव के मुताबिक़ चुनाव में बेईमानी होने की बात का समर्थन करने वाले रूसी लोगों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है.

उन्होने कहा, ''मेरी नज़र में लोगों के विचारों की अवहेलना करना देश की स्थिति बिगाड़ने जैसा है.''

पिछले विरोध की रूपरेखा तैयार करने में अहम हथियार माने जा रहे ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया में छपे संदेशों के मुताबिक़ शनिवार को अगले प्रदर्शन किए जाने की तैयारी है.

क्रेमलिन से महज़ दो सौ मीटर दूर स्थित रेवोल्यूशन स्क्वायर विरोध की जगह तय की गई है.

साराटोव से क्रास्नोयार्क तक कुल 69 शहरों में प्रदर्शन किए जाने की तैयारी की जा रही है.

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