कार्रवाई पर कोई अपराध बोध नहीं: असद

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सीरिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि 10 महीनों से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ जारी कार्रवाई को लेकर उन्हें कोई अपराध बोध नहीं है. इस दौरान सुरक्षाबलों की क्रूरता भरी कार्रवाई की रिपोर्टें आती रही हैं.

अमरीकी टीवी चैनल एबीसी के साथ साक्षात्कार में बशर-अल-असद ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा के आदेश नहीं दिए थे लेकिन उन्होंने माना कि ग़लतियाँ हुईं हैं.

सुरक्षाबलों की ‘क्रूर कार्रवाई’ पर जब उनसे पूछा गया तो राष्ट्रपति असद ने कहा, “मैने अपने लोगों की रक्षा करने की पूरी कोशिश की. इसलिए मुझे अपराध बोध नहीं है. जिन लोगों की जान गई उनके लिए दुख है..पर जब आपने किसी को मारा ही नहीं तो अपराध बोध कैसा. कोई सरकार अपने लोगों को नहीं मारती...जब तक कि देश के नेता कोई पागल इंसान न हो.”

राष्ट्रपति असद का कहना था कि सीरिया या देश के सुरक्षाबल उनकी मिल्कियत नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पिछले 10 महीनों में कम से कम चार हज़ार लोग मारे गए हैं. लेकिन असद का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र विश्वनीय नहीं है.

सीरिया हिंसा के लिए हथियारबंद आपराधिक गुटों, धार्मिक कट्टरपंथियों और अल क़ायदा से सहानुभूति रखने वाले आतंकवादियों को दोषी ठहराता रहा है.

वैसे अभी एक दिन पहले ही अमरीका ने घोषणा की है कि सीरियाई राजदूत रॉबर्ट फ़ॉर्ड सीरिया वापस लौटेंगे. सुरक्षा कारणों से उन्हें अक्तूबर में वापस बुला लिया गया था.फ़्रांसीसी राजदूत भी सोमवार को सीरिया लौट आए हैं.

जब राष्ट्रपति असद से घर-घर जाकर लोगों को पकड़ने के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये विश्वसनीय सूत्र नहीं हैं.

संयुक्त राष्ट्र कहता रहा है कि सीरियाई सरकार ने मानवता के खिलाफ़ अपराध किए हैं.

क्या उनका हश्र लीबिया के पूर्व शासक गद्दाफ़ी के जैसा होने का डर तो नहीं है? ...इस सवाल पर सीरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें केवल अपने लोगों का समर्थन खो देने से डर लगता है.

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