फेसबुक और आत्महत्या

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Image caption फेसबुक का मुख्यालय अमरीका के कैलिफोर्निया में है.

फेसबुक ने लोगों को आत्महत्या से बचाने के लिए एक नई व्यवस्था शुरु की है जिसके तहत लोग काउंसलर से ऑनलाइन पर चैट कर सकेंगे.

फेसबुक के प्रवक्ता फ्रेडरिक वोलन्स का कहना था कि हर रिपोर्ट के साथ एक विकल्प दिया जा रहा है जिस पर क्लिक करते ही कंपनी को यह पता चलेगा कि सामग्री लिखने वाला आत्महत्या के विचार रखता है.

फेसबुक के अनुसार ऐसी जानकारी मिलने पर वो इन व्यक्तियों को एक लिंक भेजेगा जिस पर वो निजी तौर पर काउंसलर से बात कर सकेंगे.

इस नए सिस्टम के ज़रिए उन लोगों को मदद मिल सकेगी जो परेशानी में हैं और सीधे काउंसलर को फोन करने में भी डरते हैं.

प्रवक्ता का कहना था, ‘‘ हम इस मुद्दे पर बहुत दिनों से काम कर रहे थे और इस व्यवस्था का विकास करने में लगे थे.’’

प्रवक्ता के अनुसार जब कोई व्यक्ति अपने किसी दोस्त के व्यवहार के बारे में जानकारी देगा तो उस व्यक्ति को भी संदेश जाएगा कि समस्या को सुलझाने की दिशा में क़दम उठाए गए हैं.

फेसबुक के दुनिया भर में लाखों उपभोक्ता हैं और कई बार ऐसी बातें सामने आई हैं जिसमें लोगों ने फेसबुक पर आत्महत्या करने से पहले टिप्पणियां की हैं.

हालांकि आत्महत्या के व्यवहार पर रिपोर्ट करने के बाद दी जाने वाली सुविधाएं सिर्फ अमरीका और कनाडा में ही उपलब्ध होंगी.

अमरीका में हर दिन 100 लोग आत्महत्या करते हैं. इतना ही नहीं 18 वर्ष से अधिक की उम्र के करीब 80 लाख अमरीकियों ने पिछले साल आत्महत्या के बारे में सोचा ज़रुर था.

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