प्रदर्शनकारी बने 'पर्सन ऑफ़ द ईयर'

  • 15 दिसंबर 2011
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वर्ष 2011 में अगर एक चीज़ पूरे साल सुर्ख़ियों में रही तो वो थे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विरोध का अलख जलाए रखने वाले प्रदर्शनकारी.

इस साल टाइम मैग़ज़ीन ने 2011 में सबसे ज़्यादा प्रभाव डालने वाले व्यक्ति के वर्ग में ‘प्रदर्शनकारियों’ को सर्वोत्तम माना है.

ये चयन इस वर्ष हुए विभिन्न प्रदर्शनों की अहमियत को दर्शाता है- अरब क्रांति से वॉल स्ट्रीट पर कब्ज़ा करो अभियान से लेकर रूसी प्रदर्शनकारियों तक.

पत्रिका टाइम ने कहा है कि ये पुरस्कार उन प्रदर्शनकारियों के योगदान को सलाम करता है जिन्होंने दुनिया में ‘जनशक्ति’ को नए मायने दिए.

टाइम पत्रिका के संपादक रिक स्टेनगल ने कहा है कि 2011 में सबसे बड़ी ख़बरों के पीछे प्रदर्शनकारियों का ही योगदान था.

उन्होंने कहना था, "इन लोगों ने विरोध किया, अपनी माँगे रखीं, हताश नहीं हुए- तब भी नहीं जब जवाब गोलियों या आँसू गैस के रूप में मिला. इन लोगों ने इस विचार को सच कर दिखाया कि निजी स्तर पर उठाया गया क़दम भी सामूहिक और बड़ा बदलाव ला सकता है."

उपविजेता

इस वर्ग में उपविजेता थे एडमिरल विलियम मैकरेवन. वे उस टीम के कमांडर थे जिसने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मारा.

अगला नाम था बाग़ी चीनी कलाकार आई वेवे. उन्हें इस साल चीन ने गुप्त रूप से हिरासत में रखा था जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी आलोचना हुई थी.

अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी और कांग्रेस के सदस्य पॉल रायन को भी इस सूची में जगह मिली है. उन्होंने ही बजट की वो योजना तैयार की थी जिस पर ज़बरदस्त वैचारिक बहस हुई थी.

इस सूची में ब्रिटेन में डचेस ऑफ़ क्रेम्ब्रिज केट मिडलटन का भी नाम है. उन्होंने अप्रैल में प्रिंस विलियम से शादी की थी.

पिछले कुछ वर्षों में टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर श्रेणी में बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यू2 बैंड के बोनो जैसे लोग विजेता रहे हैं.

वर्ष 2006 में टाइम ने सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत को देखते हुए ‘यू’ यानी इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को पर्सन ऑफ़ द ईयर चुना था.

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