लीबिया पर से संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध हटाए

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Image caption लीबिया के बैंकों में नक़दी की कमी है क्योंकि देश की अधिकतर पूंजी विदेशों में फंसी हुई है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबिया के केंद्रीय बैंक और लीबिया के विदेशी निवेश बैंको पर से प्रतिबंध हटा दिया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये क़दम लीबिया के मौजूदा नकदी संकट को कम करने के लिए किया गया है. इसके बाद अमरीका ने भी लीबिया पर से अधिकतर प्रतिबंध हटा दिए हैं.

इस साल की शुरूआत में कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए लीबिया की सारी विदेशी संपत्तियां ज़ब्त कर ली गई थीं.

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने फ़ैसला किया कि सैंट्रल बैंक ऑफ़ लीबिया और इसी बैंक की सहयोगी संस्था लीबियान फ़ॉरेन बैंक पर पाबंदियां हटा ली जाएं.

अमरीका ने भी अधिकतर प्रतिबंध हटाए

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने इसे लीबिया के लिए एक महत्त्वपूर्ण क़दम बताया है. विलियम हेग ने एक बयान में कहा, “इसका अर्थ है कि अब लीबिया के पास देश के पुनर्निमाण के लिए पर्याप्त फंड होंगे जिससे देश में स्थिरता आएगी.”

उन्होंने ये भी कहा कि अब ब्रिटेन लीबिया की क़रीब साढ़े छह अरब पाउंड की संपत्ति पर से पाबंदी हटा लेगा. इस बीच शनिवार को अमरीकी विदेश मंत्री लियोन पेनैटा लीबिया के दौरा पर रहेंगे.

संयुक्त राष्ट्र के निर्णय के बाद अमरीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि लीबियाई लोगों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के मक़सद से अमरीकी सरकार उनके ख़िलाफ़ अधिकतर पाबंदियों को वापस ले रही है.

अमरीका के वित्त विभाग ने कहा है कि वे लीबिया के केंद्रीय बैंक और लीबियन अरब फ़ॉरेन बैंक के 30 बिलियन डॉलर पर से प्रतिबंध हटा रहा है.

हाल ही में लीबिया की अंतरिम सरकार ने विदेशों में फ़ंसे क़रीब 150 बिलियन डॉलर पर प्रतिबंध हटाए जाने की मांग की थी ताकि सरकारी कर्मचारियों का वेतन दिया जा सके.

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