किम जोंग उन: मामा की कठपुतली?

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Image caption कहा जाता है कि किम जोंग उन का प्रभाव प्रशासन के कई हिस्सों पर नहीं है.

सतरह सालों तक उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल की मौत के बाद सरकारी टेलीवीजन चैनल पर दिवंगत नेता के छोटे बेटे किम जोंग को उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए समर्थन देने की बात कही गई है.

हालांकि उत्तर कोरिया में अमरीका के पूर्व राजदूत रह चुके क्रिस्टोफ़र हिल का मानना है कि किम जोंग उन को देश में उस तरह का प्रभाव हासिल नहीं है जैसा कि उनके पिता को था, इसलिए ख़तरा है कि सेना उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करेगी.

देश के संभावित नेता किम जोंग उन का जीवन :

किम जोंग उन, देश के पूर्व नेता किम जोंग इल के सबसे छोटे बेटे हैं.

उनकी मां, गो यंग-ही, दिवंगत नेता की तीसरी बीवी थीं.

किम जोंग उन के भीतर शुरूआत के दिनों में वैसी कोई प्रतिभा नहीं नज़र आई थी जिससे लगता कि एक दिन उनका नाम अपने पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर लिया जाएगा.

विश्लेषकों का ध्यान इस मामले में उनके सौतेले भाई किम जोंग नाम और बड़े भाई किम जोंग चौल की तरफ़ ही रहा.

उनके उत्तराधिकार की अटकलें साल 2009 में तब शुरू हुईं जब उत्तर कोरिया की समाचार एजेंसी यनहप ने ये ख़बर दी कि किम जोंग इल ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना है.

उत्तरी कोरिया पर नज़र रखने वालों ने राष्ट्रीय सुरक्षा समीति में उनकी नियुक्ति को भी इस तरह से देखा कि वो भविष्य में नेतृत्व के लिए चुने जा रहे हैं.

राष्ट्रीय सुरक्षा समीति उत्तरी कोरिया की सबसे अहम सरकारी एजेंसी है और किम जोंग इल उसके अध्यक्ष थे और उसी नाते देश की कमान उनके हाथ में थी.

दो साल पहले, वर्ष 2009 में ये ख़बर आई कि दक्षिण कोरिया की गुप्तचर सेवा ने अपने सांसदों से कहा है कि उत्तर कोरिया में अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वो किम जोंग उन को नेता चुने जाने के मामले में सहयोग करें.

नए नेता को लेकर पहले से ही गीत और कविताएं लिखी गई हैं जिनमें उनके गुणों का बखान किया गया है.

ख़बर है कि अधिकारी किम जोंग उन के एक करोड़ पोस्टर तैयार करवा रहे हैं जिन्हें लोगों में बांटा जाएगा ताकि लोग उसे उनके पिता और दादा के तस्वीरों के साथ लगा सकें.

साथ ही इस बात पर भी चर्चा जारी है कि "तख़्त के पीछे असल शक्ति" पूर्व नेता के जीजा जांग संग टेक हैं, जो उत्तर कोरिया कामगार पार्टी के प्रशासनिक विभाग के निदेशक हैं.

कुछ विश्लेषक उन्हें किम जोंग उन के उस सहयोगी के तौर पर देख रहे हैं जो प्रशासन में तबतक उनकी मदद करता रहेगा जबतक वो पूरे मामले की बागडोर अपने हाथों में लेने के क़ाबिल नहीं हो जाते.

'सुबह का चमकता सितारा'

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Image caption बचपन में उत्तराधिकारी के तौर पर उनके सौतेले और बड़े भाई का नाम लिया जाता था.

किम जोंग उन के बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है. कहा जाता है कि उनकी मां किम जोंग इल की सबसे अज़ीज़ बीवी थीं.

उन की मां उनसे बहुत प्यार करती थी, और कहा जाता है कि उन्हें 'सुबह का चमकता सितारा' कहकर बुलाती थीं.

किम जोंग इल के एक पूर्व बावर्ची ने नाम बदलकर प्रकाशित किताब में लिखा था कि किम जोंग उन अपने पिता के सबसे चहेते पुत्र थे.

मां, गो यंग-ही, की स्तन कैंसर से मौत के बाद सत्ता पर उनकी दावेदारी बहुत कम समझी जाने लगी थी. लेकिन किम जोंग नाम के जापान से देश निकाला के बाद और किम जोंग चौल की पुरूषार्थ की कमी ने उनकी संभावनाओं को तेज़ी दी.

अपने भाईयों की तरह स्वीटज़रलैंड में शिक्षा प्राप्त करने वाले किम जोंग उन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ख़ुद को पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव से दूर रखा है.

प्योंगयोंग वापसी के बाद वो किम-सुंग सैन्य विश्वविद्यालय भी गए.

लेकिन उनके बारे में बहुत कुछ सार्वजनिक नहीं किया गया है.

किम जोंग इल अगस्त 2010 में चीन की यात्रा पर गए थे जिस दौरान दक्षिण कोरिया के एक टीवी स्टेशन ने दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि किम जोंग उन अपने पिता के साथ दौरे में थे.

कहा जाता है कि किम जोंग उन पिता की तरह मधुमेह और दिल की बीमारी के शिकार हैं, जो कम शारीरिक मेहनत की वजह से हुई है.

कहा जाता है कि वो अमरीकी बास्केटबॉल लीग एनबीए के प्रशंसक हैं.

लेकिन उत्तर कोरिया में जिस तरह दूसरी बहुत सारी ख़बरों की पुष्ठि लगभग नामुनकिन है वैसे ही इन सब की भी.

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