किम जोंग: रूस, चीन, जापान की अपनी चिंताएँ

किम जोंग इल और रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption रूसी शरणार्थी शिविर में पैदा हुए किम जोंग चार महीने पहले मेदवेदेव से मिले थे

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग इल की मृत्यु के बाद, रूस, चीन, जापान, अमरीका, दक्षिण कोरिया और कई अन्य देशों ने उत्तर कोरिया के साथ अपने सामरिक रिश्तों के आधार प्रतिक्रियाएँ दी हैं.

जहाँ चीन ने अत्यंत दुख का इज़हार किया है, वहीं अमरीका-दक्षिण कोरिया पूरे घटनाक्रम को काफ़ी दिलचस्पी से देख रहे हैं और अपने आर्थिक हितों के कारण रूस भी उत्तर कोरिया के भविष्य पर पैनी नज़र रख रहा है.

विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएँ इस प्रकार हैं:

रूस: आर्थिक हित हैं दांव पर

किम जोंग इल रूस के सहयोगियों में माने जाते थे. दरअसल वे रूस की ओर से चलाए जाने वाले एक शरणार्थी शिविर में पैदा हुए थे. वे चार महीने पहले रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव से मिलने गए थे.

रूस पूरे घटनाक्रम को बहुत ध्यान से देख रहा है क्योंकि वह उत्तर कोरिया का पड़ोसी है और क्षेत्र की राजनीतिक स्थिरत के बारे में चिंतित भी है.

बीबीसी संवाददाता स्टीव रोसेनबर्ग के अनुसार, "रूस की सरकार इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण आर्थिक समझौतों को अंजाम देने के लिए दबाव बनाती रही है. इनमें से एक है रूसी गैस को उत्तर कोरिया के रास्ते दक्षिण कोरिया भेजने के लिए पाईपलाइन. इसके अलावा रूस का कई बिजली और रेल परियोजनाओं को बनाने का भी प्रस्ताव है."

चीन: 'महान नेता का निधन'

चीन ने किम जोंग इल को चीन का एक क़रीबी दोस्त बताते हुए उनकी मृत्यु पर अत्यंत दुख का इज़हार किया है.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मा ज़ाओक्शू ने उन्हें 'एक महान नेता' बताया.

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए काम करते रहेंगे.

जापान: 'सतर्क रहें, आपात स्थिति के लिए तैयार रहें'

जापान ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वे सतर्क रहें और किम जोंग इल की मृत्यु के बाद किसी भी आपात स्थिति का सामन करन के लिए तैयार रहें.

जापान ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा ने कहा, "मैंने अधिकारियों के आदेश दिया है कि वे ख़ुफ़िया जानकारियाँ एकत्र करें और अमरीका, चजीन और दक्षिण कोरिया के साथ मिलजुलकर काम करें."

उनका कहना था, "उन्हें संभव आकस्मिक गतिविधियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है. हम आकलन करेंगे कि इस घटना से (क्षेत्रीय) स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा."

अमरीका: 'स्थिति पर नज़र रख रहे हैं'

अमरीका में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, "अमरीका किम जोंग इल की मृत्यु के बारे में आ रही ख़बरों पर नज़र रख रहा है. हम अपने सहयोगी, जापान और दक्षिण कोरिया के संपर्क में हैं."

अमरीका का कहना था कि वह कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरत के बारे में प्रतिबद्ध है.

दक्षिण कोरिया: 'अपने कामकाज करते रहें'

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्युंग-बेक के प्रवक्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति का आग्रह है कि लोग इन घटनाओं को अलग रखते हुए अपना आर्थिक कामकाज जारी रखें.

उनका ये भी कहना था कि राष्ट्रपति ली और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस स्थिति पर नज़र रखने और सहयोग करते रहने पर सहमति जताई है.

उधर फ्रांस ने कहा है कि वह इस बात पर नज़र रख रहा है कि किम के बाद देश का नेतृत्व कौन करता है और उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि 'उत्तर कोरियाई लोगों को आज़ादी' मिलेगी.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि वे समझते हैं कि उत्तर कोरियाई लोगों के लिए ये मुश्किल समय है.

उन्होंने ये भी कहा कि यह उत्तर कोरिया के लिए एक ऐतिहासिक पर हो सकता है और नया नेतृत्व ये समझेगा कि आम उत्तर कोरियाई नागरिक के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संपर्क साधे रखना उसकी बेहतरी के लिए होगा.

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री केविन रड्ड ने भी उत्तर कोरिया से संयम बरतने की अपील की है.

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