इतिहास के पन्नों में 21 दिसंबर

इतिहास में 21 दिसंबर के दिन की प्रमुख घटनाएँ इस प्रकार हैं-

1988- लॉकरबी विमान दुर्घटना

Image caption लॉकरबी दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोग मारे गए

स्कॉटलैंड की सीमा के नज़दीक़ लॉकरबी शहर में एक पैन एम का जंबो जेट 258 यात्रियों के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि शहर के बीच में कार्लाइल और डंफ़्रीज़ के बीच एक पेट्रोल स्टेशन पर आकर ये विमान गिरा और फिर लगभग 300 फुट ऊँचा आग का गोला ऊपर उठा.

इस हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका थी क्योंकि फ़्लाइट 255 वयस्कों और तीन बच्चों के साथ भरी हुई थी.

बचावकर्मियों के अनुसार घटनास्थल पर कई लोग हताहत दिख रहे हैं क्योंकि उस समय वहाँ शहर के भी कई लोग मौजूद थे.

बोइंग 747 लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से शाम छह बजे उड़ा और न्यूयॉर्क के जेएफ़के हवाई अड्डे जा रहा था.

सात बजे के कुछ ही देर बाद विमान रडार से ग़ायब हो गया.

सात बजकर आठ मिनट पर ख़बरें आईं कि अधिकारियों को स्कॉटलैंड की सीमा से 15 मील उत्तर में एक बड़ा विस्फोट सुनाई दिया है.

दुर्घटा का पूरा ब्यौरा तो नहीं मिला मगर अपुष्ट ख़बरों के हिसाब से एक विमान कारों और घरों पर जा गिरा.

शहर के हिस्से ख़ाली करा लिए गए और एक बड़े से हॉल को शरणार्थी केंद्र बना दिया गया.

दुर्घटनास्थल से 20 मील दूर स्थित डंफ़्रीज़ ऐंड गैलोवे अस्पताल अलर्ट पर था.

1962- ब्रिटेन को पोलैरिस बेचेगा अमरीका

अमरीकी राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी और ब्रितानी प्रधानमंत्री हैरल्ड मैकमिलन ने बहामास में बातचीत के बाद एक बहुआयामी नैटो परमाणु बल बनाने का फ़ैसला किया.

इस समझौते का मतलब ये है कि अमरीका अब ब्रिटेन को पोलैरिस मिसाइल बेच सकेगा.

राष्ट्रपति कैनेडी ने फ़्रांस के सामने भी यही प्रस्ताव रखा था जिससे एक त्रिपक्षीय सौदा हो सके.

पोलैरिस एक इस तरह की रॉकेट प्रणाली थी जो पानी के भीतर ही पनडुब्बी के ज़रिए छोड़ी जाती है. इसमें आधे मेगाटन का परमाणु हथियार होता है.

समझौते के तहत ब्रितानी सरकार पनडुब्बी बनाएगी और पोलैरिस के लिए हथियार तैयार करेगी, जिसमें अमरीका तकनीकी सहयोग होगा.

मगर इस समझौते के बाद ये आशंका व्यक्त की जाने लगी कि ब्रिटेन अपने परमाणु प्रतिरोध के लिए काफ़ी हद तक अमरीका पर निर्भर हो जाएगा.

तीन दिवसीय शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें मैकमिलन ने स्पष्ट किया कि पोलैरिस मिसाइल का इस्तेमाल नैटो देशों की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया जाएगा.

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