इराक के उप-राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट

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Image caption इराक़ के सुन्नी उप-राष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशमी के लिए गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

इराक़ की एक न्यायिक समिति ने देश के सुन्नी उप-राष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशमी के लिए गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ये वारंट इराक़ के आतंकवाद विरोधी क़ानून के तहत जारी किया गया है.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता आदिल दाहम ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तारिक़ अल-हाशमी के सुरक्षाकर्मियों ने हाशमी पर चरमंपथियों से संबंध रखने के अभियोग लगाया और इसके बाद अदालत ने हाशमी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है।

हाशमी के कई सुरक्षाकर्मियों को भी गिरफ़्तार किया गया है. इससे पहले हाशमी के देश छोड़कर जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था.

अस्थिरता

ये आदेश अमरीकी सेना के आख़िरी टुकड़ी के इराक़ छोड़ कर जाने के एक दिन बाद और इराक़ी सुन्नियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इराक़िया संसदीय गुट के संसद से हटने के दो दिन बाद आया है.

हाशमी सुन्नी हैं और धर्मनिरपेक्ष इराक़िया गुट के सदस्य हैं.

इराक़िया गुट का कहना है कि शिया प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी सत्ता पर एकाधिकार कर रहे हैं.

इराक़ में सबसे वरिष्ठ सुन्नी राजनीतिज्ञों पर शिया बहुल सरकार की ओर से दबाव बढ़ने के कारण देश की स्थिरता पर ख़तरा बढ़ रहा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में इस समय विभिन्न संप्रदायों के बीच सत्ता के लिए कड़ा संघर्ष जारी है जिसे अगर जल्द ही नहीं रोका गया तो देश पहले से भी ज़्यादा संकट में आ जाएगा.

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