इराक़ी उपराष्ट्रपति पर कुर्दों से अपील

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Image caption इराक़ी प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए विचार विमर्श करने की अपील की है

इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने कुर्दों से अपील की है कि वे इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशमी को इराक़ के हवाले करदें.

सोमवार को इराक़ की एक अदालत ने चरमपंथी कार्रवाइयों में शामिल होने के आरोप में उपराष्ट्रपति अल-हाशमी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था.

तारिक़ अल-हाशमी इराक़ के सबसे वरिष्ठ सुन्नी अरब नेताओं में से एक हैं. उन्होंने अपने उपर लगाए गए आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.

अल-हाशमी इस समय कुर्दों के नियंत्रण वाले इराक़ के उत्तरी इलाक़े में रह रहें हैं.

इराक़ से अमरीकी सेना की वापसी के केवल एक दिन बाद ही अदालत ने अल-हाशमी के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया था.

इस बीच अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने इराक़ी नेताओं से अपील की है कि वे देश को सांप्रदायिक हिंसा से बचाने के लिए एक साथ मिलकर काम करें

जो बाइडेन ने इराक़ी प्रधानमंत्री मलिकी से भी टेलीफ़ोन पर बातचीत की.

व्हाइट हाउस से जारी बयान के मुताबिक़ उपराष्ट्रपति बाइडेन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री मलिकी और इराक़ के दूसरे प्रमुख दलों के नेता आपस में मिलकर अपने मतभेदों को दूर करें.

'आपराधिक मामला'

इसके बाद प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रमुख सु्न्नी राजनीतिक दल 'इराक़िया' ने संसद और कैबिनेट का बहिष्कार बंद नहीं किया तो वो 'इराक़िया' के सभी मंत्रियों को बर्ख़ास्त कर देंगें.

उपराष्ट्रपति अल-हाशमी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी होने के विरोध में 'इराक़िया' दल ने अपने मंत्रियों को कैबिनेट की बैठक में शामिल होने से मना कर दिया है.

इस बीच अल-हाशमी ने अरब लीग से अपील की है कि वे इराक़ में उनके ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे पर नज़र रखें.

संवाददाता सम्मेलन में जब प्रधानमंत्री अल-मलिकी से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि ये एक आपराधिक मामला है और इसमें अरब लीग या संयुक्त राष्ट्र संघ को दख़ल देने की कोई वजह नहीं बनती.

उनका कहना था, ''हमलोग इराक़ी न्याय प्रणाली में किसी भी तरह की दख़लअंदाज़ी स्वीकार नहीं करते. हमलोगों ने सद्दाम हुसैन पर निष्पक्ष मुक़दमा चलाया और हमलोग अल-हाशमी की सुनवाई भी निष्पक्ष तरीकें से करेंगे.''

अल-हाशमी ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा, ''मैं इश्वर की क़मस खाकर कहता हूं कि मैंने कोई गुनाह नही किया है.''

अस-हाशमी ने कहा कि वो कुर्दिस्तान में मुक़दमा चलाए जाने के लिए तैयार हैं.

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