'किम जोंग उन उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता'

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Image caption किम जोंग-उन को उत्तर कोरिया का सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया है

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को पूर्व नेता किम जोंग- इल के सबसे छोटे बेटे किम जोंग- उन को देश का सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया है.

किम जोंग-उन को पार्टी, देश और सेना के सर्वोच्च नेता के तौर पर लोगों के सामने पेश किया गया.

राजधानी प्योंगयांग में किम जोंग- इल की याद में आयोजित एक श्रद्घांजलि सभा की अगुआई किम जोंग-उन कर रहे थे.

इस मौके पर वहां मौजूद विशाल जनसमूह के सामने पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले नेता किम योंग-नैम ने ये घोषणा की.

किम योंग नैम के कहा, ''किम जोंग-उन के नेतृत्व में आपका दुख, एक हज़ार गुना से बढ़कर शक्ति में बदल जाएगा''.

टीवी फ़ुटेज में किम जोंग-उन को देश के शीर्ष सरकारी और सैन्य अधिकारियों के साथ दिखाया गया. इस दौरान पार्टी के नेता,जनता और उत्तर कोरियाई सैनिक सिर झुकाए खड़े रहे.

पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया से पूरे कार्यक्रम को देख रही बीबीसी संवाददाता लूसी विलियमसन के अनुसार ये पूरी श्रद्धांजलि सभा,अनौपचारिक तौर पर किम जोंग वंश की सत्ता का हस्तांतरण जैसी थी.

इस मौके पर तीन मिनट तक मौन रखा गया उसके बाद देश भर में रेलगाड़ियों और जहाज़ों ने हॉर्न बजाए.

किम जोंग-इल की 69 वर्ष की आयु में 17 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, वो वर्ष 1994 से उत्तर कोरिया में राज कर रहे थे.

''पहले-सेना''

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वहां मौजूद हज़ारों लोगों के जनसमूह के सामने किम योंग- नैम ने किम जोंग-उन को पार्टी, सेना और देश का सर्वोच्च नेता बताया और कहा कि उन्होंने अपने पिता किम जोंग-इल से विरासत में उनकी विचारधारा, नेतृत्व, चरित्र, ख़ूबियां और शक्ति पाई है.

नैम ने कहा कि, ''जिस तरह से किम जोंग-इल ने मौत से पहले अपने उत्तराधिकारी का चुनाव किया, ये उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है''.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी किम जोंग-गैक ने कहा,'' हमारी फौज सेना के सर्वोच्च अधिकारी के तौर पर किम जोंग-उन के सभी आदेशों का पालन करेगी, और किम जोंग-इल द्वारा हासिल किए गए 'सोनगुन' की निपुणता को पूरा करेगी.

उत्तर कोरिया में 'सोनगुन' का मतलब, 'पहले-सेना' की नीति है,जिसके तहत सेना में धन लगाया जाता है.

उत्तर कोरिया के सरकारी टेलीविज़न पर बुधवार को तस्वीरों में हज़ारों लोगों को किम जोंग-इल की शवयात्रा के दौरान रोते-बिलखते दिखाया गया था.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इन कार्यक्रमों में बड़े ही धूमधाम से उत्तर कोरिया की सैन्य शक्ति का एक बार फिर से वैसा ही प्रदर्शन किया गया, जैसा किम इल सुंग की मौत पर किया गया था.

करीब 30 साल के किम जोंग-उन का राजनैतिक अनुभव काफी कम है,ऐसा माना जाता है कि उनको किम जोंग-इल का उत्तराधिकारी चुने जाने में उनके अंकल चैंग सॉंग-ताएक का अहम योगदान है.

किम जोंग-इल की जिस वक्त मौत हुई, तब वे आधिकारिक तौर पर किम जोंग-उन को अपना उत्तराधिकारी बनाने के क्रम में थे.

किम जोंग-इल के दोनों बड़े बेटे किम जोंग-नैम और किम जोंग-चोल अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं हुए.

इस श्रद्धांजलि समारोह में दुनिया के अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल नहीं हुए लेकिन दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र के द़फ्तरों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ध्यान में रखते हुए अपने झंडे को आधा झुका कर रखा था.

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