सीरिया में विशाल रैलियाँ, सुरक्षाबलों के साथ झड़प

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सीरिया में रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन कर रहे हज़ारों लोगों पर गोलियाँ चलाई हैं जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए हैं. बताया गया है कि लोगों को अरब लीग के पर्यवेक्षकों के सामने प्रदर्शन करने से रोकने के लिए ये गोलीबारी हुई.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि शुक्रवार को नमाज़ के बाद सबसे बड़ी रैलियाँ इदलिब प्रांत और हमा में हुईं जहाँ पाँच लोग मारे गए जबकि डेरा में भी पांच की मौत हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दमिश्क में मस्जिद से बाहर आ रहे हज़ारों लोगों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं हैं. विपक्षी सूत्रों का कहना है कि ‘नेल बम’ का इस्तेमाल किया गया है. लेकिन इन ख़बरों की पुष्टि नहीं हो सकती क्योंकि सीरयाई सरकार विदेशी पत्रकारों को वहाँ नहीं आने दे रही.

विपक्ष ने लोगों से कहा है कि वे रैलियों में हिस्सा लें ताकि अरब पर्यवेक्षकों को दिखाया जा सके कि लोग किस कदर ग़ुस्से में हैं.

अरब लीग का एक दल सीरिया में है ताकि ये देख सके कि शांति प्रस्ताव का पालन किया जा रहा है या नहीं. इस प्रस्ताव के मुताबिक हिंसा ख़त्म होनी चाहिए, सड़कों से सुरक्षाबल हटाने होंगे और राजनीतिक कै़दियों को छोड़ना होगा.

बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक अरब लीग के दल के आने से प्रदर्शनकारियों के हौसले को बल मिला है.

'गोली से उड़ा देंगे'

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मार्च में शुरु हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में पाँच हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. जबकि सरकार का कहना है कि वो चरमपंथी गुटों से लड़ रही है और दो हज़ार सुरक्षाबल मारे गए हैं.

अल जज़ीरा के फ़ुटेज में दिखाया गया है कि होम्स में भीड़ क्रांति, क्रांति, सीरिया के नारे लगा रही थी.

लेकिन दमिश्क के एक नागरिक ने बीबीसी को बताया कि स्थानीय मस्जिद के बाहर सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं ताकि लोगों को डराया जा सके. उन्होंने कहा, “वे लोगों को कह रहे हैं कि एक भी शब्द बोला तो हम गोली से उड़ा देंगे.”

सीरिया में विभिन्न गुटों की समिति द लोकल कॉर्डिनेशन समिति का कहना है कि शुक्रवार को कुल 32 लोग मारे गए. होम्स में एक परिवार के पाँच सदस्यों के शव मिले, उन्हें एक दिन पहले पकड़ा गया था.

इस बीच सरकारी टेलीवीज़न पर सरकार के पक्ष में रैलियाँ दिखाई गई हैं. अरब लीग के दल की इस बात के लिए आलोचना हुई है कि उसकी अगुआई सूडान के जनरल मुस्तफ़ा अल दाबी कर रहे हैं जिन पर एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने अपने देश में मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगाया है.

लेकिन अरब लीग ने कहा है कि वो जनरल मुस्तफ़ा अल दाबी का समर्थन कर रही है.

गुरुवार को होम्स के दौरे के बाद जनरल दाबी ने कहा था कि वहाँ की स्थिति भयावह नहीं है. लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि अरब लीग के दल के आने के बाद से 130 लोग मारे जा चुके हैं.

सरकारी विरोधी फ़्री सीरियन आर्मी का कहना है कि उसने अरब लीग से मिलने का समय माँगा था पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है.

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