नाइजीरिया के कई इलाक़ो में आपातकाल

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Image caption राष्ट्रपति गुडलक जॉनथन ने देश के कुछ हिस्सों में आपातकाल की घोषणा कर दी है.

नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जॉनथन ने देश के कुछ हिस्सों में आपातकाल की घोषणा कर दी है.

राष्ट्रपति ने ये कदम इस्लामी चरमपंथी संगठन बोको हराम की हाल के हमलों के चलते लगाया है.

आपातकाल नाइजीरिया के योब और बोरनो राज्य में लगाया गया है.

राष्ट्रपति गुडलक जॉनथन ने देश की सेना को चरमपंथियों से निपटने के लिए उपयुक्त कदम उठाने के आदेश दिए हैं. जिसमें एक नए आंतकविरोधी दस्ते को स्थापित करना शामिल है.

इससे पहले, राष्ट्रपति जोनाथन राजधानी अबुजा में उस कैथोलिक गिरिजाघर में भी गए जहां चरमपंथी हमलों में सबसे ज़्यादा 37 लोगों की मौत हो गई थी.

उन्होंने कहा कि इस्लामिक संगठन बोको-हरम से पहले कोई ख़तरा नहीं था लेकिन अब ये संगठन कैंसर की बीमारी की तरह हो गया है जो नाईजीरिया को खत्म कर सकता है.

सीमाएं सील

जिन इलाक़ो में आपातकाल लगाया गया है उससे जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी बंद कर दिया गया है.

जॉनथन की इस घोषणा का मतलब है कि नीजेर, चाड और कैमरुन से लगी नाइजीरिया की सीमा अगले आदेश तक सील कर दी जाएंगी.

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Image caption क्रिसमस के मौके पर राजधानी आबुजा के एक चर्च में हुए धमाके में 37 लोग मारे गए थे

लागोस में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं के चलते राष्ट्रपति पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था और उनकी ये घोषणा अब तक का सबसे कड़ा कदम है.

इससे पहले,क्रिसमस के मौके पर राजधानी आबुजा के एक चर्च में हुए धमाके में 37 लोग मारे गए थे.

धमाके मुख्य रूप से चर्चों को लक्ष्य करके किए गए जहां लोग क्रिसमस की प्रार्थना के लिए इकट्ठे हुए थे.

राजधानी अबुजा के पास मदल्ला स्थित सेंट टेरेसा चर्च में हुए धमाके में क़रीब 35 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

इस्लामी चरमपंथी गुट बोको हरम ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी ली थी .

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