सीरिया से पर्यवेक्षकों को वापस बुलाने की मांग

  • 2 जनवरी 2012
सीरिया में पर्येवेक्षक इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सीरिया में पर्यवेक्षकों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा जारी है.

अरब लीग की एक सलाहकार समिति ने सीरिया भेजे गए अरब लीग के पर्यवेक्षकों को वापस बुलाने की मांग की है.

सलाहकार समिति के अनुसार सीरिया में सरकार के ज़रिए अपने विरोधियों का दमन जारी है.

अरब संसद के अध्यक्ष ने कहा कि सीरिया सुरक्षाबलों के ज़रिए बेक़सूर नागरिकों की हत्या जारी है इसलिए पर्यवेक्षकों को वहां से चले आना चाहिए.

उनके अनुसार अरब लीग के पर्यवेक्षक मंगलवार को सीरिया गए हैं और उनके वहां काम शुरू करने के बाद भी हिंसा में कोई कमी नहीं देखी जा रही है.

अरब लीग के पर्यवेक्षक का मुख्य उद्देश्य अरब लीग के ज़रिए तैयार किए गए शांति समझौते के पालन की निगरानी करना है.

एक बयान जारी कर अरब संसद के अध्यक्ष सालेम अल-दिक़्बासी ने कहा, ''अरब लीग के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के दमन के कारण अरब की जनता में काफ़ी रोष है और ये अरब लीग के पर्यवेक्षकों को वहां भेजने के मक़सद के भी ख़िलाफ़ है.''

दिक़्बासी ने कहा कि इससे सीरियाई सरकार को अरब लीग के पर्यवेक्षकों की आंख-कान के सामने अपनी दमनकारी नीतियों को जारी रखने का मौक़ा मिल रहा है.

अरब संसद 88 सदस्यीय एक सलाहकार समिति हैं जिसमें अरब लीग के सदस्य देशों के प्रतिनिधि होते हैं.

अरब संसद की सिफ़ारिश अरब लीग पर बाध्यकारी नहीं है और ये लीग से अलग होकर अपना काम करती है.

'लोगों में हताशा'

सीरिया स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हिंसा रोकने में असमर्थ रहने के कारण बहुत सारे प्रदर्शनकारी अरब लीग से हताश होते जा रहें हैं.

इस समय में सीरिया में अरब लीग के 60 पर्यवेक्षक मौजूद हैं जिनका मुख्य उद्देश्य अरब लीग के ज़रिए तैयार किए शांति समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी करना है.

शांति समझौते के अनुसार हर प्रकार की हिंसा को समाप्त करना है, सड़कों पर से सेना को हटाना है और राजनीतिक बंदियों की रिहाई करना है.

हालाकि सड़कों पर तैनात टैंकों को हटा लिया गया है लेकिन अभी भी रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान आस-पास की इमारतों में छतों पर तैनात बंदूक़धारियों को आसानी से देखा जा सकता है.

सीरिया में सरकार विरोधियों के नेटवर्क की समन्वय समिति ने कहा कि रविवार को अलग-अलग जगहों में कुल छह लोग मारे गए हैं.

सरकार विरोधियों के अनुसार अरब लीग के पर्यवेक्षकों के वहां पहुंचने के बाद से अबतक 150 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ सीरिया में पिछले दस महीनों से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक लगभग पांच हज़ार लोग मारे गए है.

पर्यवेक्षक दल के प्रमुख जनरल मुस्तफ़ा अल-दाबी की भी आलोचना होती रही है.

कई लोग जनरल दाबी पर सीरिया सरकार की तरफ़दारी करने के आरोप लगाते हैं.

बशर अल-असद के नेतृत्व वाली सीरियाई सरकार का तर्क है कि वो हथियारबंद विद्रोह का मुक़ाबला कर रही है जिसमें अब तक दो हज़ार से ज़्यादा सैनिक मारे गए हैं.

मारे गए लोगों की सही संख्या और कई दूसरी जानकारियों की पुष्टि करना बहुत मुश्किल है क्योंकि ज़्यादातर विदेशी मीडिया को सीरिया में आज़ादी से रिपोर्टिंग करने की अनुमति नहीं है.

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