मैक्सिको में ‘प्रलय के दिन’ की तैयारी!

दुनियाभर में नया साल जश्न, खुशियों और शुभकामनाओं का संदेश लेकर आया है लेकिन मैक्सिको के लोग ‘प्रलय के दिन’ को देखते हुए अलग ही किस्म की तैयारियों में जुटे हैं.

दरअसल इस साल हज़ारों की संख्या में पर्यटक मैक्सिको में मौजूद माया सभ्यता के प्राचीन मंदिरों के दर्शन के लिए आएंगे और इसकी वजह है कि माया सभ्यता के मुताबिक दुनिया 21 दिसंबर 2012 को ख़त्म हो जाएगी.

मैक्सिको के पर्यटन विभाग ने तापाचुला शहर के बीचोंबीच इस तारीख को याद दिलाती एक विशाल घड़ी लगाई है.

लगभग दो हज़ार साल पहले माया सभ्यता का विस्तार केंद्रीय अमरीका और उसके आसपास के भू-भाग में फैला था.

बीबीसी संवाददाता टॉम एस्सलमॉन्ट के मुताबिक माया सभ्यता की निशानी के रुप में हर साल हज़ारों की संख्या में लोग इन मंदिरों को देखने आते हैं. हालांकि इस साल ये संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि इस बार पर्यटकों में प्रलय की भविष्यवाणी को लेकर खासी उत्सुकता है.

माया सभ्यता के कुछ जानकारों के मुताबिक इन विशाल मंदिरों में से एक पर ‘प्रलय की तारीख़ खुदी है,’ जबकि कुछ अन्य जानकार मानते हैं कि ये तारीख़ केवल एक युग के अंत को दर्शाती एक गणना है.

माया सभ्यता का अंत 19वीं सदी में हुआ और पीछे छूटे ऐसे कई भव्य मंदिर जल्द ही वर्षा वनों की चपेट में आ गए. इस सभ्यता ने अपने लिए एक अलग गणित का विकास किया जिसमें कुछ खास अंक बेहद महत्वपूर्ण थे.

इस सभ्यता में समय का आकलन 394 साल के हिसाब से होता था जिन्हें 'बकटुन्स' कहा जाता था. इन्हीं परंपराओं को निभाते हुए यहां आने वाले कुछ लोग समय की इन गणनाओं के आधार पर अपने संदेश और अपनी मनोकामनाएं यहां सहेज कर रखते हैं.