'जल्द सुलझ सकता है भंवरी देवी मामला'

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Image caption भंवरी देवी की गहलोत सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा का साथ नज़दीकी संबंध थे

राजस्थान में भंवरी देवी गुमशुदगी मामले में सीबीआई अहम सफलता मिलने का दावा कर रही है. पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को लोनावला से इस चर्चित मामले के एक अभियुक्त बिश्नाराम बिश्नोई को गिरफ़्तार कर लिया है.

पुणे के पुलिस आयुक्त मीरन बोरवानकर के अनुसार बिश्नाराम बिश्नोई को पुलिस ने बुधवार रात अचानक धावा बोलकर एक मालगोदाम से गिरफ़्तार किया है.बिश्नाराम की गिरफ़्तारी सीबीआई के इशारे पर हुई है.

26 साल के बिश्नाराम बिश्ननोई के ख़िलाफ़ कथित तौर पर भंवरी देवी के शव को ठिकाने लगाने का आरोप है.बिश्नोई के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता के तहत भंवरी को अगवा करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया गया है. गिरफ़्तारी के बाद बिश्नाराम को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे दो दिन की अस्थाई हिरासत में रखा गया है जहाँ से उसे जोधपुर पुलिस को सौंप दिया जाएगा.

बिश्नाराम एक कु़ख्यात अपराधी है और राजस्थान पुलिस को कई आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी.

मामला सुलझने के क़रीब

सीबीआई सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में सीबीआई को कई अहम सबूत मिले हैं जिससे इस मामले की जाँच में अच्छी प्रगति हुई है.

लेकिन आधिकारिक तौर पर सीबीआई ने मामले का पूरा ब्यौरा नहीं दिया है.

इससे पहले मंगलवार देर रात इसी मामले के एक और आरोपी कैलाश जाखड़ को भी गिरफ़्तार कर लिया गया था, जिसने पूछताछ के दौरान भंवरी देवी की हत्या की बात कबूल कर शव को जलाने की बात मान ली है.

सीबीआई सूत्र के मुताबिक़ अब सीबीआई इस मामले में एक दूसरी चार्जशीट दायर करने की तैयारी कर रही है जिसमें गिरफ़्तार किए गए सभी अभियुक्तों पर हत्या का मुक़दमा चलाया जाएगा.

नई चार्जशीट में भंवरी के पति अमरचंद को भी सहअभियुक्त बनाया जाएगा.

अमरचंद पर भंवरी के हत्यारों की मदद करने का आरोप है लेकिन उसे ये नहीं पता था कि अभियुक्त भंवरी की हत्या कर देंगे.

राजस्थान के जोधपुर के पास हुए इस मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है जिनमें कांग्रेस के दो स्थानीय नेता भी शामिल हैं.

भंवरी की कथित हत्या इसलिए की गई क्योंकि वो गहलोत सरकार में मंत्री रहे महीपाल मदेरणा के साथ अपने अंतरंग पलों की एक सीडी बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी.

भंवरी का मदेरणा से परिचय कांग्रेस पार्टी के ही एक कार्यकर्ता मलखान सिंह ने करवाया था.

सीडी के बाहर आने के तुरंत बाद भंवरी देवी ग़ायब हो गईं थी और मदेरणा को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था.

इन गिरफ़्तारियों के बाद ऐसा माना जा रहा है कि ये मामला अब सुलझने के करीब है.

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