ईरान के ख़िलाफ़ ज़्यादा कड़े प्रतिबंधों की माँग

  • 3 जनवरी 2012
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Image caption ईरान ने इंकार के बाद मान लिया कि उसने मिसाइल परीक्षण किया

फ्रांस इस बात को लेकर आश्वस्त है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है और उसके ख़िलाफ़ ज़्यादा कड़े प्रतिबंध लगाने चाहिए.

विदेश मंत्री एलन जुपी का कहना है कि उन्हें इस बात में ज़रा भी संदेह नहीं है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की राह पर आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने यूरोपीय संघ में शामिल देशों से कहा कि वे ईरान के केंद्रीय बैंक की सम्पत्ति ज़ब्त करने और ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध के अमरीकी क़दम का अनुसरण करें.

ईरान पश्चिमी देशों के इस आरोप को ख़ारिज़ करता है कि वो परमाणु हथियार विकसित करने की क़ोशिश कर रहा है. ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.

ईरान बार-बार यह कहता रहा है कि वो घरेलू माँग पूरी करने के लिए बिजली पैदा करने की ख़ातिर परमाणु तकनीक चाहता है.

बीते साल नवंबर में अमरीका, कनाडा और ब्रिटेन ने ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी. उन्होंने यह क़दम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए की उस रिपोर्ट के बाद उठाया था जिसमें कहा गया था कि ईरान ने परमाणु उपकरण के विकास संबंधी परीक्षण किए हैं.

लेकिन ईरान का यह मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नहीं जा पाया था क्योंकि रूस और चीन ने इस क़दम का विरोध किया था.

जनवरी की समय सीमा

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Image caption ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है.

फ्रांस के विदेश मंत्री एलन जुपी ने फ्रांसीसी टेलीविज़न आई-टेल से कहा, ''ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की राह पर आगे बढ़ रहा है, मुझे इस बारे में ज़रा भी संदेह नहीं है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की आख़िरी रिपोर्ट इस तथ्य पर एकदम स्पष्ट है.''

उनके मुताबिक़ फ्रांस चाहता है कि ईरान के ख़िलाफ़ पहले से ज़्यादा कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं.

उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी ने पहले ही ईरान के केंद्रीय बैंक की सम्पत्ति ज़ब्त करने और ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा था.

उन्होंने कहा, ''हम चाहते हैं कि यूरोपीय संघ भी अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए ईरान के ख़िलाफ़ तीस जनवरी तक इसी तरह का क़दम उठाए.''

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ईरान के ख़िलाफ़ चार दौर के प्रतिबंध पहले ही पारित कर चुका है क्योंकि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन रोकने से इंकार कर दिया था.

उच्च संवर्धित यूरेनियम की मदद से परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं.

अमरीका परमाणु कार्यक्रम की वजह से ईरान की दर्जनों सरकारी एजेंसियों, अधिकारियों और कारोबार पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है.

ईरान की सरकार ने आईएईए की नवंबर में आई रिपोर्ट के बाद उसके ख़िलाफ़ लगाए गए ताज़ा प्रतिबंधों को पहले ही ख़ारिज़ कर दिया है जिसे रूस ने 'अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय नियमों के ख़िलाफ़' बताया था.

सैन्य क़वायद

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Image caption ईरान ने हाल ही में कई मिसाइलों का परीक्षण किया है

खाड़ी में ईरान नौसैनिक अभ्यास भी करता रहा है. सोमवार को ईरान ने कहा था कि उसने सतह से समुद्र में मार करने में सक्षम क्रूज़ मिसाइल ग़दर का सफल परीक्षण किया है.

ईरान ने यह भी कहा था कि उसने कम दूरी तक मार करने वाली नस्र और सतह से सतह पर मार करने में सक्षम नूर मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है.

ईरानी मीडिया के मुताबिक़ ईरान ने सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की एक अन्य मिसाइल का रविवार को सफलतापूर्वक परीक्षण किया था.

ईरान ने हारमूज़ की खाड़ी के निकट दस दिवसीय सैन्य अभ्यास भी किया है जिस रास्ते से दुनिया के बीस प्रतिशत तेल का परिवहन होता है.

ईरान ने सोमवार को कहा कि खाड़ी के मार्ग को बंद करने के लिए 'छद्म' अभ्यास किया गया, हालांकि इसे बंद करने का कोई इरादा नहीं था.

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