'ईरान पर प्रतिबंधों का असर होने लगा है'

यूएसएस जॉन सी स्टेनिस (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption ईरान ने इस अमरीकी विमानवाहक पोत को खाड़ी में दोबारा भेजने के लिए मना किया है.

अमरीका ने कहा है कि खाड़ी में जहाज़ों की आवाजाही को रोकने की ईरान की धमकी से साफ़ पता चलता है कि उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव का असर होने लगा है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कारण उस पर लगे प्रतिबंधों का असर दिखने लगा है और इसीलिय ईरान लोगों का ध्यान इस तरफ़ से हटाने की कोशिश कर रहा है.

अभी-अभी ईरान ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खाड़ी के 'स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमूज़' में 10 दिनों का नैसैनिक अभ्यास किया है जिसमें उसने कई मिसाइलों का परीक्षण भी किया.

संयुक्त राष्ट्र यूरेनियम संवर्धन पर रोक नहीं लगाने के कारण ईरान के ख़िलाफ़ पहले ही चार दौर के प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला कर चुका है.

अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है लेकिन ईरान पश्चिम देशों के इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है.

ईरान का हमेंशा से यही कहना रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.

ईरान बार-बार यह कहता रहा है कि वो घरेलू माँग पूरी करने के लिए आवश्यक बिजली पैदा करने की ख़ातिर परमाणु तकनीक चाहता है.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमरीकी विदेश विभाग की विक्टोरिया नूलैंड ने कहा कि प्रतिबंधों के कारण ईरान ख़ुद को पूरी तरह अलग-थलग महसूस करने लगा है.

उनका कहना था, ''ईमानदारी से कहा जाए तो हमलोग ईरान की इन धमकियों को इस बात के सबूत के तौर पर देखते हैं कि ईरान पर प्रतिबंधों का असर होने लगा है.

प्रतिबंधों के कारण ईरान के अंदर हो रही दिक़्क़तों और आर्थिक परेशानियों की तरफ़ से अपने लोगों का ध्यान हटाने के लिए ईरान इस तरह की बातें कर रहा है.''

विमानवाहक पोत

इस बीच अमरीकी विमानवाहक पोत को खाड़ी से दूर रखने की ईरान की चेतावनी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा कि अमरीकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में रहकर अपना काम कर रही है और अमरीकी बेड़े को खाड़ी से दूर रखने का अमरीका का कोई इरादा नही है.

ईरान खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास कर रहा है और उसने सोमवार को सतह से समुद्र तक मार करने में सक्षम क़ादिर क्रुज़ मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया था.

सोमवार को ही ईरान ने दावा किया था कि उसने 'स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमूज़' को बंद करने का भी अभ्यास किया है लेकिन फ़िलहाल उसे बंद करने की उसकी कोई मंशा नहीं है.

बीबीसी संवाददाता जेम्स रिनॉल्ड्स का कहना है कि ईरान ता़ज़ा नौसैनिक अभ्यास ये दिखाने के लिए कर रहा है कि खाड़ी पर उसका पूरा नियंत्रण है और वहां उसके वर्चस्व को चुनौती देने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए उसके पास पर्याप्त सैन्य क्षमता है.

रिनॉल्ड्स के अनुसार किसी को इस पर यक़ीन नहीं है कि ईरान सचमुच में स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमूज़ को बंद करने की कोशिश करेगा क्योंकि ये ईरान के लिए आर्थिक, राजनीतिक और शायद सैनिक दृष्टि से बहुत ही नुक़सानदेह होगा.

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