पता होता तो अनुज को ब्रिटेन नहीं भेजते: नेहल

अनुज बिदवे के साथ नेहल बिदवे

ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक हमले में जान गँवाने वाले भारतीय छात्र अनुज बिदवे के परिवार ने काफ़ी सोच विचारकर और एहितायतन उन्हें ऑस्ट्रेलिया भेजने के बजाए ब्रिटेन भेजने का फ़ैसला किया था मगर उन्हें अंदेशा भी नहीं था कि वो फ़ैसला ही अनुज के लिए जानलेवा साबित होगा.

अनुज का शव लेने के लिए उनके परिवार के लोग लंदन रवाना हुए हैं.

उससे पहले अनुज की बहन नेहल बिदवे सोनावने ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "हमें पता होता कि ब्रिटेन में भी नस्ली हिंसा की वारदातें होती हैं तो हमारा परिवार उसे वहाँ भेजता ही नहीं."

नेहल का कहना था कि ऑस्ट्रेलिया में अक़सर नस्ली हिंसा की शिकायतें मिलती थीं, इसलिए घर वालों ने उसे ऑस्ट्रेलिया के बजाय ब्रिटेन पढ़ने के लिए भेजा था.

नेहल ने बताया, "उन्हें हमेशा लगता था कि वह उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया या ब्रिटेन जाएँ मगर ऑस्ट्रेलिया में जो नस्ली हमले हुए उसके बाद हमें लगा कि ऑस्ट्रेलिया सुरक्षित नहीं होगा और हम सबका यही मानना था कि ब्रिटेन ठीक होगा मगर दुर्भाग्य से वहाँ ये दुर्घटना हो गई."

नोक-झोंक

नेहल ने कहा कि अनुज की मौत परिवार के लिए काफ़ी बड़ा धक्का है, "इस वाक़ये का हमें फ़ेसबुक के ज़रिए पता चला और शुरू में हमें यही बताया गया कि अनुज का एक्सीडेंट हो गया है."

उन्होंने कहा कि पता चलने पर कि उसे किसी ने गोली मारी है और वो अब इस दुनिया में नहीं है, तो पूरा परिवार सदमे में आ गया.

नेहल ने बताया कि अनुज काफ़ी प्यार करने वाला भाई था, जिससे मीठी नोक-झोंक तो होती थी मगर वो उनका बेहद ध्यान भी रखता था.

नेहल के अनुसार, "जैसे आम भाई-बहनों के बीच छोटे-मोटे झगड़े होते हैं वो थे जिन्हें मैं बहुत मिस कर रही हूँ. मगर वो मेरा बहुत ध्यान रखता था मुझे पता था कि मुझे अगर किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मैं आँखें बंद करके उस पर भरोसा कर सकती थी."

अनुज के शव को सौंपने में हुई देरी के बारे में पूछने पर नेहल का कहना था, "फ़िलहाल इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते क्योंकि हमें तो पता नहीं कि ये नस्ली हमला था या फिर किसी गैंग की ज़्यादती का शिकार हुआ."

उनका कहना था, "हालांकि हमें इस बात से काफ़ी सुकून मिला है कि इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और एक व्यक्ति को अभियुक्त भी बनाया गया है."

नेहल सहित पूरे परिवार को उम्मीद है कि अनुज के दूसरी बार पोस्टमॉर्टम की उन लोगों की मांग स्वीकार कर ली जाएगी.

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