'टालुलाह डज़ द हल्ला फ़्रॉम हवाई' प्रतिबंधित है

  • 6 जनवरी 2012
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Image caption न्यूज़ीलैड के कुछ माँ-बाप अपने बच्चों को रोमन नंबरों या विराम चिन्हों के नाम से भी पुकारते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

क्या आप अपने बच्चे का नाम क्राइस्ट, मैजेस्टी, प्रेसिडेंट या फिर एनल रखना चाहेंगे?

न्यूज़ीलैंड के साढ़े तीन सौ माता-पिताओं ने पिछले एक दशक में अपने बच्चों के ऐसे ही नाम रखना पसंद किया.

कई ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों का नाम 'माफ़िया नो फ़ीअर', 'क्वीन विक्टोरिया' और 'बिशप' रखना चाहते थे.

न्यूज़ीलैंड की सरकार ने अब एक गाइड बुक प्रकाशित की है जिसमें उन नामों को प्रकाशित किया गया है जिनके प्रयोग पर पिछले दस साल में प्रतिबंध लगाया गया.

सिडनी में मौजूद बीबीसी संवाददाता डंकन कैनेडी के अनुसार नामों की ये सूची आंतरिक विभाग ने जारी की है जिसमें कहा गया है कि ज़्यादातर नाम रखे जा सकते हैं लेकिन कुछ नियम हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए.

'जस्टिस' की मांग ज़्यादा

कुछ माँ-बाप अपने बच्चों को रोमन नंबरों या विराम चिन्हों के नाम से भी पुकारते हैं, इसमें से एक परिवार तो अपने बच्चे का नाम 'एस्ट्रिक' रखना चाहता था, जी हाँ वही एस्ट्रिक जिसे टाइपिंग में हम आम तौर पर स्टार का निशान (*) कहते हैं.

स्वर्ग का अंग्रेज़ी अनुवाद यानी कि हैवेन का उल्टा 'नेवेह' नाम को लेकर विवाद था लेकिन अब इसे रखने की अनुमति दे दी गई है. वी-एट, सेंट और चीफ़ कॉंस्टेबल जैसे कुछ नाम अब भी प्रतिबंधित हैं.

सबसे चर्चित प्रतिबंधित नाम है जस्टिस, जिसे अपने बच्चों के लिए रखने की 49 लोगों ने कोशिश की.

चार साल पहले न्यूज़ीलैंड की एक पारिवारिक अदालत ने एक दंपति को फटकार लगाई थी जो अपनी बेटी का नाम ’टालुलाह डज़ द हल्ला फ़्रॉम हवाई’ रखना चाहते थे.

हालांकि 'वायलंस', 'शारडने' और 'नंबर सिक्सटीन बस शेल्टर' जैसे नामों को अनुमति दे दी गई है.

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