एमनेस्टी ने की 'प्रदर्शनकारियों' की तारीफ़

  • 9 जनवरी 2012
अरब मूल के देशों में विरोध प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption एमनेस्टी ने कहा है कि प्रदर्शनकारी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से ज़्यादा प्रभावशाली साबित हुए

मध्य पूर्व के कुछ देशों में पिछले साल हुए विद्रोह पर एक विस्तृत रिपोर्ट में मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने उस क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों की तारीफ़ की है.

संगठन साथ ही कहता है कि ये प्रदर्शनकारी बदलाव लाने में अंतरराष्ट्रीय महाशक्तियों के मुक़ाबले ज़्यादा प्रभावशाली साबित हुए.

एमनेस्टी की रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन करने वाले ऐसे सुधारों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं जिनसे उनके जीवन में कोई अंतर ही न हो.

संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अरब लीग जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर आलोचनात्मक टिप्पणी भी की है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि मानवाधिकारों पर इन संस्थाओं का रुख़ एक जैसा नहीं था यानी कुछ देशों को लेकर उन्होंने कड़ा रुख़ अपनाया जबकि कुछ अन्य पर लचीला.

रिपोर्ट के अनुसार ट्यूनीशिया, मिस्र और लीबिया में जो लोकतांत्रिक राह खुली है उसे अभी और मज़बूत करना है.

साथ ही सीरिया का ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि वहाँ हज़ारों लोग सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मारे गए हैं मगर वहाँ अधिकारी सत्ता में बने रहने के लिए और कड़े तरीक़े अपना रहे हैं.

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