राष्ट्रपति असद के संबोधन से नाराज़ अमरीका

  • 11 जनवरी 2012
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Image caption राष्ट्रपति असद ने विदेशी ताक़तों को अस्थिरता के लिए ज़िम्मेदार बताया

अमरीका और फ़्रांस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के उस भाषण की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के लिए बाहरी ताक़तों की साज़िश को ज़िम्मेदार ठहराया था.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति असद ने अपने अलावा हर किसी पर ज़िम्मेदारी डाल दी है. दूसरी ओर फ़्रांस के विदेश मंत्री ने कहा है कि असद का भाषण वास्तविकता की अनदेखी है.

एक असाधारण संबोधन में राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा था कि कि अंतरराष्ट्रीय शक्तियाँ सीरिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा था कि वो कड़ी से कड़ी कार्रवाई करके 'आतंकवादियों' का ख़ात्मा करेंगे.

वॉशिंगटन में अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, "असद विदेशी साज़िश को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं. सीरिया की स्थिति को देखते हुए ये इतना व्यापक है कि इसमें अरब लीग, ज़्यादातर सीरियाई विपक्ष और पूरा का पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय आ जाता है. वे हर किसी पर ज़िम्मेदारी थोप रहे हैं. लेकिन सीरिया की हिंसा को लेकर अपनी ज़िम्मेदारी के बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं."

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति असद के संबोधन से हमारे उस विचार को बल मिलता है कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.

दूसरी ओर फ़्रांस के विदेश मंत्री एलेन ज़ूपे ने कहा, "राष्ट्रपति असद के संबोधन से हिंसा और लोगों में टकराव बढ़ेगा. ये एक तरह से सच्चाई से मुँह मोड़ना है."

पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति असद के ख़िलाफ़ शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से ये टेलीविज़न पर दिया गया उनका तीसरा संबोधन था.

दो घंटे तक चले संबोधन में राष्ट्रपति असद ने कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुट सीरिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता सीरिया में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करना है और ये उसी समय हासिल किया जा सकता है, जब आतंकवादियों से सख़्ती से निपटा जाए. हम उन लोगों के साथ उदारता से नहीं पेश आ सकते, जो बाहरी ताक़तों के साथ मिलकर देश के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं."

सीरियाई अधिकारियों का कहना है कि वे हथियारबंद गुटों के साथ लड़ाई कर रहे हैं और अभी तक दो हज़ार सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं.

हाल के महीनों में सेना के कई भगोड़े विपक्ष में शामिल हो गए हैं और वे सरकारी सेना पर निशाना साध रहे हैं.

दिसंबर से अरब लीग के पर्यवेक्षकों की एक टीम सीरिया में है. इस टीम में 165 सदस्य हैं. वे उस शांति योजना के लागू किए जाने पर नज़र रखे हुए हैं, जिसमें हिंसा ख़त्म करने, शहरों से भारी हथियार हटाए जाने और राजनैतिक क़ैदियों की रिहाई की बात है.

राष्ट्रपति असद के संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया में विपक्षी सीरियाई नेशनल काउंसिल के प्रमुख बुरहान ग़लियोन ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बहाली पर असद के ज़ोर देने से यह साबित होता है कि वे अरब लीग को दिए अपने वादे से पीछे हट रहे हैं.

अपने संबोधन में राष्ट्रपति असद ने कहा कि सीरिया अरब देशों की ओर से सुझाए गए हल पर विचार करने को तैयार है, लेकिन इसमें सीरिया की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए.

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