बीबीसी के कार्यक्रम पर उच्चायोग की शिकायत

टॉप गियर की टीम (रिचर्ड हैमंड, जेरेमी क्लार्कसन, जेम्स मे)
Image caption ये शो कई बार विवादों में घिर चुका है.

भारतीय उच्चायोग ने बीबीसी के एक टेलीविज़न शो 'टॉप गियर' में भारत संबंधी टिप्पणियों को ‘अपमानजनक’ और ‘भद्दा मज़ाक़’ बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है.

भारतीय उच्चायुक्त ने शिकायत में कहा है कि बीबीसी के ऑटो शो टॉप गियर के 28 दिसंबर के अंक में पेश किए गए चुटकुले और मज़ाक़ भारतीय संस्कृति और लोगों की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाले थे.

भारतीय उच्चायोग ने बीबीसी को लिखे पत्र में कहा कि ‘बहुत से लोगों’ की ओर से इस बारे में शिकायत किए जाने के बाद वो बीबीसी के समक्ष औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा रहे हैं.

क्रिसमस के मौक़े पर 28 दिसंबर को दिखाए गए शो में उसके प्रस्तुतकर्ता जेरेमी क्लार्कसन ने कथित तौर पर भारतीय रेल, शौचालयों, कपड़ों, भोजन और इतिहास का मज़ाक़ उड़ाया था.

कार्यक्रम के दौरान जेरेमी क्लार्कसन ने भारत में ग़रीबों के बीच साफ़-सफ़ाई की ख़राब स्थिति को दर्शाने के लिए शौचालय युक्त जगुआर कार से झुग्गी-बस्ती का चक्कर लगाया था.

कार्यक्रम के दौरान क्लार्कसन ने कहा था, ''यह भारत के लिए बिल्कुल सही है क्योंकि यहाँ जो भी आता है उसे बार-बार 'जाना' पड़ता है.''

बीबीसी ने कहा है कि इस संबंध में उन्हें अब तक 188 शिकायतें मिली हैं और वो भारतीय उच्चायोग को जवाब देंगे.

भारतीय उच्चायोग ने पत्र में भारतीय संस्कृति के प्रति असंवेदनशील रहने के लिए शो की आलोचना करते हुए बीबीसी से इस सिलसिले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि लोगों का ग़ुस्सा कम हो.

'भद्दा मज़ाक़'

एक भारतीय राजनयिक ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, ''लोग बहुत नाराज़ हैं क्योंकि आप इस तरह से पूरे समाज, उनके इतिहास, उनकी संस्कृति और उनकी भावनाओं का मज़ाक़ नहीं उड़ा सकते हैं. भारत एक विकासशील देश है और हमें अभी अपने कई मुद्दों को सुलझाना है. उनको दिखाना बिल्कुल सही है लेकिन इस तरह का मज़ाक़ उड़ाना बिल्कुल भी जायज़ नहीं है.''

भारतीय राजनयिक ने कहा कि उस शो की शिकायत करने वाले सिर्फ़ भारतीय ही नहीं हैं बल्कि उनके कई ब्रितानी साथी भी इससे नाराज़ हैं.

राजनयिक ने शो के एक और सीन का ज़िक्र करते हुए कहा कि 'टॉप गियर' की टीम ने रेल पर ब्रिटिश उद्योग का प्रचार करता हुआ बैनर लगा रखा था.

उन बैनरों पर लिखा था, ''ब्रिटिश आईटी आपकी कंपनी के लिए बेहतर है और इंग्लिश मफ़िन खाओ.''

राजनयिक के अनुसार रेल डिब्बों के अलग होने पर यह संदेश अश्लील संदेशों में बदल जाते हैं.

उन्होंने एक और सीन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कार्यक्रम के एक सीन में क्लार्कसन को दो गण्यमान्य भारतीयों को पैंट प्रेस करना सिखाने के लिए उनके सामने ही अपनी पैंट उतारते हुए दिखाया गया है.

पिछले साल अप्रैल में भी ये शो मैक्सिको के लोगों और उनके खाने के बारे में टिप्पणी करने के कारण विवादों से घिर गया था लेकिन बाद में टेलीविज़न कार्यक्रमों पर निगरानी रखने वाली ब्रितानी संस्था ऑफ़कॉम ने उसे सही ठहराया था.

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